नई दिल्ली: त्योहारों के मौसम में मिठाई, दूध और पनीर की मांग तेजी से बढ़ जाती है। इसी दौरान बाजार में मिलावटी खाद्य पदार्थों का खतरा भी बढ़ जाता है। पनीर की बढ़ती मांग को देखते हुए कई जगहों पर सस्ते विकल्प के रूप में एनालॉग पनीर या नकली पनीर की बिक्री की शिकायतें सामने आती हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए असली और नकली पनीर की पहचान करना जरूरी हो जाता है।

एनालॉग पनीर सामान्य डेयरी पनीर से अलग होता है। इसे दूध के बजाय वनस्पति तेल, स्टार्च और अन्य सामग्री से तैयार किया जा सकता है। यह दिखने में असली पनीर जैसा लग सकता है, लेकिन स्वाद और पोषण के मामले में अंतर होता है।
पहला तरीका: पनीर को उबालकर करें जांच
असली पनीर की पहचान के लिए एक आसान तरीका है कि पनीर के छोटे टुकड़े को पानी में उबालें। इसके बाद उसे ठंडा करके देखें। अगर पनीर अपना आकार बनाए रखता है और ज्यादा चिपचिपा नहीं होता तो यह असली होने की संभावना अधिक होती है।
वहीं, मिलावटी पनीर उबालने के बाद रबड़ जैसा, ज्यादा चिपचिपा या टूटने वाला महसूस हो सकता है।
दूसरा तरीका: आयोडीन टेस्ट से पहचानें स्टार्च की मिलावट
पनीर में स्टार्च की मिलावट जांचने के लिए आयोडीन टेस्ट किया जा सकता है। इसके लिए पनीर के छोटे टुकड़े को उबालकर ठंडा करें और उस पर आयोडीन की कुछ बूंदें डालें।
अगर पनीर का रंग नीला या गहरा काला होने लगे तो उसमें स्टार्च की मिलावट हो सकती है। हालांकि, यह घरेलू जांच केवल शुरुआती संकेत देती है और पूरी पुष्टि के लिए लैब टेस्ट जरूरी होता है।
तीसरा तरीका: बनावट और स्वाद से करें पहचान
असली पनीर आमतौर पर मुलायम और हल्का दानेदार होता है। इसे दबाने पर प्राकृतिक नमी महसूस होती है। वहीं, एनालॉग पनीर ज्यादा चिकना, रबड़ जैसा या जरूरत से ज्यादा सख्त लग सकता है।
स्वाद में भी अंतर महसूस किया जा सकता है। असली पनीर में दूध की हल्की खुशबू और स्वाद होता है, जबकि मिलावटी पनीर में कृत्रिम स्वाद या अलग तरह की चिकनाहट महसूस हो सकती है।
त्योहारों में खरीदारी करते समय रखें ध्यान
हमेशा भरोसेमंद दुकान से ही पनीर खरीदें।
खुले में रखे पनीर की जगह पैक्ड और लेबल वाला उत्पाद चुनें।
खरीदते समय निर्माण तारीख और गुणवत्ता प्रमाण जरूर देखें।
बहुत कम कीमत में मिलने वाले पनीर से सावधान रहें।
सेहत के लिए क्यों जरूरी है सावधानी
मिलावटी पनीर का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ पेट की समस्या, संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य परेशानियों का कारण बन सकते हैं। त्योहारों के समय मांग बढ़ने के कारण खाद्य सुरक्षा विभाग भी लगातार जांच अभियान चलाते हैं। उपभोक्ताओं को भी जागरूक रहकर सही खाद्य सामग्री खरीदनी चाहिए।
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