दिल की सेहत के लिए 30 मिनट का नियम, डॉक्टर ने बताया क्यों है खास
हार्ट हेल्थ
नई दिल्ली: कम उम्र में हार्ट अटैक और दिल से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते मामलों के बीच विशेषज्ञ लगातार जीवनशैली में बदलाव की सलाह दे रहे हैं। नोएडा के मेदांता अस्पताल में कार्डियक केयर, इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी और इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी के डायरेक्टर डॉ. अमित कुमार मलिक के मुताबिक दिल को स्वस्थ रखने के लिए सबसे जरूरी आदतों में से एक है नियमित शारीरिक गतिविधि।
डॉ. मलिक के अनुसार आज बड़ी संख्या में लोग घंटों कुर्सी पर बैठे रहते हैं, कंप्यूटर या मोबाइल स्क्रीन के सामने समय बिताते हैं और शारीरिक गतिविधि बेहद कम हो गई है। इसके साथ ही प्रोसेस्ड फूड और असंतुलित खानपान मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ा सकते हैं। ये सभी हृदय रोगों के अहम जोखिम कारकों में शामिल हैं।
विशेषज्ञ के मुताबिक दिल को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना घंटों जिम में पसीना बहाना जरूरी नहीं है। 30 से 45 मिनट की नियमित शारीरिक गतिविधि भी महत्वपूर्ण फायदा दे सकती है। इसमें तेज चाल से पैदल चलना, साइकिल चलाना, स्विमिंग या कोई पसंदीदा खेल शामिल किया जा सकता है।
सबसे अहम बात एक्सरसाइज की तीव्रता से ज्यादा उसकी नियमितता है। सप्ताह में कभी-कभार बहुत ज्यादा व्यायाम करने के बजाय रोज या नियमित अंतराल पर मध्यम स्तर की गतिविधि को बेहतर माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य दिशानिर्देश भी वयस्कों को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि करने की सलाह देते हैं।
डॉक्टर का कहना है कि एक्सरसाइज को केवल वजन घटाने का तरीका मानना सही नहीं है। शारीरिक गतिविधि ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, वजन और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती है और इससे हृदय रोग का समग्र जोखिम कम करने में सहायता मिलती है।
हालांकि केवल 30 मिनट की एक्सरसाइज किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक से पूरी तरह सुरक्षित नहीं कर सकती। धूम्रपान, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, पारिवारिक इतिहास, नींद और खानपान जैसे दूसरे जोखिम कारकों को भी नियंत्रित करना जरूरी है।
अगर लंबे समय से व्यायाम नहीं किया है या पहले से दिल, ब्लड प्रेशर या किसी गंभीर बीमारी की समस्या है, तो अचानक कठिन वर्कआउट शुरू करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है।