MP Famous Dal Bafla Bati: रविवार का दिन परिवार के साथ समय बिताने और कुछ खास पकाने के लिए बेहतरीन माना जाता है। अगर आप इस संडे रोज की दाल, चावल और रोटी से हटकर कुछ पारंपरिक और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो मध्यप्रदेश की मशहूर बाफला बाटी एक शानदार विकल्प हो सकती है। घी में डूबी गरमागरम बाफला बाटी का स्वाद हर किसी का दिल जीत सकता है। खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए न तो तंदूर की जरूरत है और न ही किसी महंगे उपकरण की। आप अपनी रसोई में मौजूद सामान्य बर्तनों की मदद से ही स्वादिष्ट बाफला बाटी तैयार कर सकते हैं। इसे दाल, चटनी और चूरमा के साथ परोसने पर खाने का मजा दोगुना हो जाता है।
मध्यप्रदेश की पारंपरिक डिश है बाफला बाटी
मध्यप्रदेश के मालवा और आसपास के क्षेत्रों में बाफला बाटी बेहद लोकप्रिय व्यंजन है। इसे खास मौकों, त्योहारों और पारिवारिक आयोजनों में बड़े चाव से बनाया जाता है।
राजस्थान की प्रसिद्ध दाल बाटी से मिलती-जुलती यह डिश अपने बनाने के तरीके के कारण अलग पहचान रखती है। पारंपरिक बाटी को सीधे सेंका जाता है, जबकि बाफला को पहले पानी में उबाला जाता है और उसके बाद सुनहरा होने तक सेंका जाता है।
यही तरीका बाफला को अंदर से मुलायम और बाहर से हल्का कुरकुरा बनाता है। घी के साथ इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।
बाफला बाटी बनाने के लिए जरूरी सामग्री
लगभग 4 से 5 लोगों के लिए
बाफला बनाने की सामग्री:
गेहूं का आटा – 3 कप
सूजी – आधा कप
देसी घी – 4 बड़े चम्मच
अजवाइन – आधा छोटा चम्मच
नमक – स्वादानुसार
हल्दी – एक चुटकी (वैकल्पिक)
बेकिंग सोडा – एक चुटकी (वैकल्पिक)
पानी – आवश्यकतानुसार
घी – तैयार बाफले पर लगाने के लिए
दाल बनाने की सामग्री:
अरहर दाल – आधा कप
चना दाल – एक चौथाई कप
मूंग दाल – एक चौथाई कप
प्याज – 1 बारीक कटा हुआ
टमाटर – 2 कटे हुए
हरी मिर्च – 2
अदरक-लहसुन पेस्ट – 1 छोटा चम्मच
जीरा – आधा छोटा चम्मच
हल्दी पाउडर – आधा छोटा चम्मच
लाल मिर्च पाउडर – स्वादानुसार
धनिया पाउडर – 1 छोटा चम्मच
घी या तेल – 2 बड़े चम्मच
हरा धनिया – सजावट के लिए
सबसे पहले ऐसे तैयार करें बाफला का आटा
बाफला बाटी बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा और सूजी डालें। इसमें अजवाइन, नमक और घी मिलाएं।अब सभी सामग्री को हाथों से अच्छी तरह मिलाएं, ताकि घी पूरे आटे में समान रूप से मिल जाए। इसे मोयन देना कहा जाता है।इसके बाद थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए आटा गूंथें। ध्यान रखें कि आटा सामान्य रोटी के आटे से थोड़ा सख्त होना चाहिए।आटा तैयार होने के बाद इसे ढककर लगभग 15 से 20 मिनट के लिए रख दें। इससे सूजी नमी सोख लेगी और बाफले का आकार बनाना आसान होगा।
बिना तंदूर ऐसे तैयार करें स्वादिष्ट बाफला
अब तैयार आटे से मध्यम आकार की गोल लोइयां बनाएं। प्रत्येक लोई को हल्के हाथों से गोल आकार दें और बीच में अंगूठे से थोड़ा दबा दें।इसके बाद एक बड़े बर्तन में पर्याप्त पानी उबालें। जब पानी अच्छी तरह उबलने लगे, तब उसमें तैयार बाफले डाल दें।
बाफलों को लगभग 12 से 18 मिनट तक उबालें। उनका आकार और मोटाई देखकर समय थोड़ा कम या ज्यादा हो सकता है। जब वे फूल जाएं और अंदर तक पक जाएं, तब उन्हें पानी से निकाल लें।उबले हुए बाफलों को छलनी में रखकर अतिरिक्त पानी निकलने दें।अब इन्हें बिना तंदूर के सेंकने के लिए मोटे तले वाली कड़ाही या तवे का इस्तेमाल करें।कड़ाही को धीमी आंच पर गर्म करें। उसमें थोड़ा घी लगाएं और बाफलों को रखकर ढक दें। बीच-बीच में पलटते रहें, ताकि वे चारों ओर से सुनहरे और कुरकुरे हो जाएं।इस प्रक्रिया में लगभग 15 से 25 मिनट लग सकते हैं। बाफले का आकार और आंच के अनुसार समय बदल सकता है।ध्यान रखें कि आंच तेज न हो, वरना बाफले बाहर से जल सकते हैं और अंदर से ठीक तरह नहीं सिकेंगे।
बाफला बाटी के साथ बनाएं मसालेदार दाल
बाफला बाटी का असली स्वाद मसालेदार दाल के साथ आता है। इसके लिए सबसे पहले अरहर, चना और मूंग दाल को अच्छी तरह धो लें।दालों को लगभग 20 से 30 मिनट तक भिगोकर रखें। इसके बाद कुकर में पानी, हल्दी और नमक डालकर नरम होने तक पका लें।अब एक कड़ाही में घी गर्म करें। इसमें जीरा डालें और चटकने दें। इसके बाद बारीक कटा प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें।अब अदरक-लहसुन पेस्ट और हरी मिर्च डालें। थोड़ी देर भूनने के बाद कटे हुए टमाटर डाल दें।इसके बाद लाल मिर्च, धनिया पाउडर और आवश्यकतानुसार अन्य मसाले मिलाएं। मसाले अच्छी तरह पक जाने पर उबली हुई दाल डाल दें।दाल को पांच से सात मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं। आखिर में हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें।
घी से बढ़ जाएगा बाफला बाटी का स्वादजब बाफले अच्छी तरह सिक जाएं, तब उन्हें हल्का तोड़कर ऊपर से देसी घी डालें। चाहें तो बाफलों को कुछ सेकंड के लिए गर्म घी में डुबोकर भी निकाल सकते हैं।पारंपरिक तरीके से बाफला बाटी को भरपूर घी के साथ परोसा जाता है। हालांकि, अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार घी की मात्रा कम या ज्यादा रख सकते हैं।गरमागरम बाफले को दाल के साथ खाने पर इसका स्वाद बेहद लाजवाब लगता है।
चूरमा और चटनी के साथ करें सर्व
बाफला बाटी के साथ चूरमा परोसने से यह भोजन और भी खास बन जाता है।चूरमा बनाने के लिए एक पके हुए बाफले को अच्छी तरह चूर लें। इसमें स्वादानुसार पिसी चीनी या गुड़ और थोड़ा घी मिलाएं।चाहें तो इसमें इलायची पाउडर और कटे हुए मेवे भी डाल सकते हैं।इसके अलावा हरी धनिया चटनी, लहसुन की चटनी, प्याज और नींबू के साथ बाफला बाटी परोसें।
स्वादिष्ट बाफला बनाने के लिए याद रखें ये टिप्स
बाफला बाटी बनाते समय कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। आटे में पर्याप्त मोयन डालने से बाफले का स्वाद और बनावट बेहतर होती है।बाफलों को उबालने के बाद उनका अतिरिक्त पानी जरूर निकालें। इसके बाद धीमी आंच पर अच्छी तरह सेंकें।अगर बाफले बड़े आकार के हैं, तो उन्हें पकने में ज्यादा समय लग सकता है। एक बाफला तोड़कर अंदर की बनावट जांच सकते हैं।सबसे जरूरी बात यह है कि बाफलों को जल्दबाजी में तेज आंच पर न पकाएं।