लाइफ स्टाइल : सर्दियों का मौसम आते ही कई घरों में लगे मनी प्लांट की पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और बेल की बढ़वार भी धीमी हो जाती है। ऐसे में पौधों की देखभाल करने वाले लोग घरेलू खाद के विकल्प तलाशते हैं। इस्तेमाल की हुई चाय की पत्ती को मनी प्लांट की मिट्टी में डालना एक आसान घरेलू उपाय माना जाता है। हालांकि, इसका फायदा तभी मिल सकता है, जब चायपत्ती का इस्तेमाल सही मात्रा और सही तरीके से किया जाए। गलत तरीके से इसका इस्तेमाल करने पर मिट्टी में फंगस और छोटे कीड़े पनप सकते हैं।
मनी प्लांट के लिए क्यों इस्तेमाल की जाती है चायपत्ती?
चाय की पत्ती में कुछ जैविक पदार्थ और पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इस्तेमाल की हुई चायपत्ती को साफ करके और अच्छी तरह सुखाकर खाद या कंपोस्ट में मिलाया जा सकता है। इससे जैविक पदार्थों के जरिए मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिल सकती है।हालांकि, यह समझना जरूरी है कि केवल चायपत्ती डालने से मनी प्लांट की बेल तेजी से बढ़ने या हमेशा हरी रहने की गारंटी नहीं है। पौधे की अच्छी बढ़वार के लिए पर्याप्त रोशनी, सही मात्रा में पानी, पोषक तत्व और उचित जल निकासी भी जरूरी हैं।
चाय की पत्ती डालने का सही तरीका
अगर आप मनी प्लांट में बची हुई चायपत्ती का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखें।पहला तरीकाचायपत्ती को साफ करें। चाय बनाने के बाद बची हुई पत्ती को साफ पानी से धो लें, ताकि उसमें मौजूद चीनी, दूध और अन्य अवशेष निकल जाएं।
दूसरा तरीका: अच्छी तरह सुखाएं।** धुली हुई चायपत्ती को किसी साफ प्लेट पर फैलाकर धूप या हवादार जगह में पूरी तरह सुखा लें। गीली चायपत्ती सीधे गमले में डालने से मिट्टी की सतह पर फंगस लगने और बदबू आने का खतरा बढ़ सकता है।
तीसरा तरीका: कम मात्रा में इस्तेमाल करें। सूखी चायपत्ती की थोड़ी मात्रा को कंपोस्ट में मिलाकर मिट्टी में डालें। इसे पौधे के तने या जड़ों के बिल्कुल पास जमा न करें। बार-बार अधिक मात्रा डालने से बचें।
सर्दियों में मनी प्लांट की देखभाल कैसे करें?
पानी देने से पहले मिट्टी जांचें: ठंड में पौधे की बढ़वार धीमी हो सकती है और मिट्टी सूखने में अधिक समय लगता है। इसलिए रोजाना पानी देने के बजाय पहले मिट्टी की ऊपरी परत जांचें। जब मिट्टी पर्याप्त सूख जाए, तभी पानी दें। गमले में पानी जमा रहने से जड़ें सड़ने का खतरा रहता है।पर्याप्त रोशनी दें मनी प्लांट को तेज सीधी धूप के बजाय उजली, अप्रत्यक्ष रोशनी वाली जगह पर रखना बेहतर होता है। सर्दियों में इसे खिड़की के पास रखा जा सकता है, जहां पर्याप्त रोशनी आती हो। हालांकि, बहुत ठंडी हवा और ठंडे कांच के बिल्कुल पास रखने से बचें।ठंड से बचाएं: मनी प्लांट को अत्यधिक ठंड पसंद नहीं होती। तापमान बहुत कम होने पर इसकी पत्तियां खराब हो सकती हैं। ऐसे में गमले को घर के अंदर किसी सुरक्षित और रोशनी वाली जगह पर रखें।खाद सीमित मात्रा में दें सर्दियों में पौधे की बढ़वार धीमी होने पर बार-बार खाद देने की जरूरत नहीं होती। जरूरत से ज्यादा खाद मिट्टी में लवण जमा कर सकती है और पत्तियों के किनारों को नुकसान पहुंचा सकती है।
पत्तियां पीली पड़ने लगें तो क्या करें?
अगर मनी प्लांट की पत्तियां पीली पड़ रही हैं, तो सबसे पहले पानी देने की आदत और गमले की जल निकासी जांचें। लगातार गीली मिट्टी, कम रोशनी और ठंड के कारण भी पौधे की सेहत प्रभावित हो सकती है। मिट्टी की सतह पर सफेद या हरे रंग की फंगस दिखाई देने पर चायपत्ती डालना बंद करें और मिट्टी को जरूरत से ज्यादा गीला न रखें।पौधे की पत्तियों पर जमी धूल को समय-समय पर गीले मुलायम कपड़े से साफ करें। इससे पत्तियां साफ रहेंगी और पौधे की सामान्य देखभाल भी बेहतर होगी।
चायपत्ती ही नहीं, इन बातों का भी रखें ध्यान
मनी प्लांट को हरा-भरा रखने के लिए केवल घरेलू खाद पर निर्भर न रहें। अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी का इस्तेमाल करें, गमले के नीचे अतिरिक्त पानी निकलने की व्यवस्था रखें और पौधे को उचित रोशनी दें। जरूरत पड़ने पर बढ़वार के मौसम में संतुलित खाद का सीमित मात्रा में इस्तेमाल किया जा सकता है।
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