घर पर बनाएं आंध्र का टेस्टी और हेल्दी नाश्ता
अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होता है
Lifestyle लाइफ स्टाइल : आंध्र प्रदेश में लोग नाश्ते में अपने पारंपरिक व्यंजन पेसरट्टु को बहुत पसंद करते हैं। यह न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि शरीर के लिए प्रोटीन का एक बेहतरीन स्रोत भी माना जाता है। सुबह के समय इसे खाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है और यह आज भी लोगों की पहली पसंद बना हुआ है।
पेसरट्टु को लेकर अक्सर लोगों में यह जिज्ञासा रहती है कि यह आखिर किस तरह का व्यंजन है और इसका नाम क्यों अलग सुनाई देता है। दरअसल, यह व्यंजन बहुत अधिक अलग नहीं है, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में इसे अलग नामों से जाना जाता है। उत्तर भारत में जिसे मूंग दाल का चीला कहा जाता है, वहीं मध्य भारत में इसे मूंग दाल का डोसा कहा जाता है। इसी तरह आंध्र प्रदेश में इसे पेसरट्टु के नाम से जाना जाता है।
यह व्यंजन मुख्य रूप से हरी मूंग दाल से तैयार किया जाता है। मूंग दाल को भिगोकर पीसा जाता है और फिर इस घोल को तवे पर फैलाकर पतला और क्रिस्पी बनाया जाता है। इसे अक्सर अदरक, हरी मिर्च और प्याज के साथ परोसा जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।
पेसरट्टु को दक्षिण भारत के सबसे पुराने नाश्तों में से एक माना जाता है। यह न केवल घरों में बल्कि स्थानीय ढाबों और होटलों में भी बड़े चाव से खाया जाता है। खास बात यह है कि यह हल्का होने के साथ-साथ पेट के लिए भी आसान माना जाता है, जिससे इसे हेल्दी ब्रेकफास्ट के रूप में देखा जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मूंग दाल से बना यह व्यंजन प्रोटीन, फाइबर और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। सुबह के समय इसका सेवन दिनभर एक्टिव रहने में मदद करता है और यह लंबे समय तक पेट को भरा हुआ महसूस कराता है।
आज के समय में जब लोग हेल्दी और लो-ऑयल फूड की ओर रुख कर रहे हैं, पेसरट्टु एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है। यह न केवल स्वाद में अच्छा है, बल्कि वजन नियंत्रित रखने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में भी मददगार है।
पेसरट्टु की लोकप्रियता सिर्फ आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि अब यह पूरे देश में धीरे-धीरे अपनी पहचान बना रहा है। कई लोग इसे अपने नाश्ते में शामिल कर रहे हैं और इसके हेल्दी गुणों के कारण इसे पसंद भी कर रहे हैं।