बरसात में फर्नीचर को सीलन और फफूंदी से कैसे बचाएं? अपनाएं 10 आसान होम केयर टिप्स
मानसून में सीलन, फफूंदी और नमी से लकड़ी का फर्नीचर खराब हो रहा है?
मानसून अपने साथ ठंडक तो लाता है, लेकिन घर के लकड़ी के फर्नीचर, अलमारी, सोफा, बेड और कैबिनेट के लिए कई समस्याएं भी लेकर आता है। हवा में बढ़ी नमी (Humidity) के कारण फर्नीचर में सीलन, फफूंदी (Mold), बदबू, लकड़ी का फूलना और दीमक जैसी परेशानियां शुरू हो सकती हैं। यदि समय रहते इनका ध्यान न रखा जाए, तो महंगे फर्नीचर की चमक और मजबूती दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
अगर आप चाहते हैं कि आपका फर्नीचर मानसून में भी नया जैसा बना रहे, तो ये आसान और असरदार होम केयर टिप्स अपनाएं।
1. कमरे में नमी कम रखें
फर्नीचर को सुरक्षित रखने का सबसे आसान तरीका है घर के अंदर नमी को नियंत्रित करना।
खिड़कियां और दरवाजे समय-समय पर खोलें।
एग्जॉस्ट फैन या सीलिंग फैन चलाएं।
जरूरत हो तो डीह्यूमिडिफायर (Dehumidifier) का इस्तेमाल करें।
AC का Dry Mode भी नमी कम करने में मदद करता है।
2. फर्नीचर को दीवार से थोड़ा दूर रखें
लकड़ी का फर्नीचर दीवार से पूरी तरह सटाकर रखने से पीछे नमी जमा हो सकती है।
कम से कम 2–3 इंच का गैप रखें।
इससे हवा का प्रवाह बना रहेगा और फफूंदी बनने की संभावना कम होगी।
3. नियमित सफाई करें
धूल और नमी मिलकर फफूंदी को बढ़ावा देती हैं।
सप्ताह में कम से कम दो बार सूखे माइक्रोफाइबर कपड़े से सफाई करें।
जरूरत पड़ने पर हल्के गीले कपड़े से पोंछकर तुरंत सुखा दें।
फर्नीचर को लंबे समय तक गीला न रहने दें।
4. फफूंदी दिखे तो तुरंत हटाएं
यदि सफेद, काले या हरे रंग के धब्बे दिखाई दें—
सफेद सिरका (White Vinegar) और पानी का हल्का घोल इस्तेमाल करें।
मुलायम कपड़े से साफ करें।
सफाई के बाद फर्नीचर को अच्छी तरह सुखाएं।
5. अलमारी में सिलिका जेल रखें
कपड़ों और लकड़ी की अलमारी में नमी रोकने के लिए—
सिलिका जेल पैक रखें।
चारकोल बैग या मॉइस्चर एब्जॉर्बर भी उपयोगी होते हैं।
समय-समय पर इन्हें बदलते रहें।
6. फर्नीचर पॉलिश कराएं
वुड पॉलिश लकड़ी पर एक सुरक्षा परत बनाती है।
हर 6–12 महीने में पॉलिश करवाएं।
इससे नमी का असर कम होता है और फर्नीचर की चमक बनी रहती है।
7. पानी तुरंत साफ करें
यदि फर्नीचर पर पानी गिर जाए—
तुरंत सूखे कपड़े से पोंछें।
लंबे समय तक पानी जमा रहने से लकड़ी फूल सकती है।
8. दीमक से भी रखें बचाव
मानसून में दीमक का खतरा भी बढ़ जाता है।
समय-समय पर एंटी-टर्माइट ट्रीटमेंट कराएं।
लकड़ी में छोटे छेद या बुरादा दिखे तो तुरंत जांच कराएं।
9. सोफा और कुशन को धूप दिखाएं
यदि मौसम साफ हो—
कुशन और गद्दों को हल्की धूप में रखें।
इससे नमी और बदबू कम होती है।
10. कमरे में अच्छी वेंटिलेशन रखें
जहां हवा का प्रवाह अच्छा रहता है, वहां फफूंदी बनने की संभावना कम होती है।
बंद कमरों को नियमित रूप से खोलें।
स्टोर रूम और कम इस्तेमाल होने वाले कमरों पर विशेष ध्यान दें।
किन संकेतों को नजरअंदाज न करें?
लकड़ी से बदबू आना।
सफेद या काले धब्बे दिखना।
लकड़ी का फूलना या टेढ़ा होना।
पॉलिश का उतरना।
दीमक के निशान या बुरादा दिखना।