मौजूदा दौर में डायबिटीज एक कॉमन डिजीज बन चुकी है और भारत में काफी लोग इसके शिकार बन रहे हैं. मधुमेह के रोगियों को अपनी लाइफस्टाइल और फूड हैबिट्स का खास ख्याल रखना पड़ता है, तभी वो एक हेल्दी लाइफ जी सकते हैं. डायबिटीज में मरीज का ब्लड शुगर लेवल अक्सर बढ़ जाता है, जो सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है.


ब्लड शुगर लेवल बढ़ने पर खराब होते हैं दांत
डायबिटीज को कई बीमारियों की जड़ माना जाता है, इससे हार्ट डिजीज, किडनी डिजीज समेत कई परेशानियां हो सकती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ब्लड शुगर लेवल बढ़ना का कनेक्शन आपके दांतों से भी है, ऐसे में बचाव कैसे किया जा सकता है.

डायबिटीज का दांतों पर कैसा पड़ता है असर?

1. दांतों में सड़न (Cavities)
मुंह में बैक्टीरियाज आने का कई जरिया हो सकता है, लेकिन जब वो ब्लड शुगर के संपर्क में आते हैं तो वो दांतो के चारों तरफ एक लेयर तैयार कर देते हैं जिसे प्लाक कहा जाता है. इस प्लाक में एक खास तरह का एसिड होता है जो आहिस्ता आहिस्ता आपके दांतों को सड़ाने लगता है. चूंकि डायबिटीज के कंडीशन में शुगर और स्टार्ट तेजी से शरीर में फैलता है, ऐसे में कैविटीज होना लाजमी है.

2. मसूड़े की बीमारी (Gum Disease)
डायबिटीज का असर आपकी इम्यूनिटी पर पड़ता जो कि काफी कमजोर हो जाती है और आप कई अन्य बीमारियों के शिकार होने लगते हैं. मसूड़े की बीमारी भी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने की वजह से पनपती हैं, ऐसे हालत में मसूड़े सड़ने लगते हैं.


डायबिटीज के मरीज दांतों की बीमारी से कैसे बचें
1. अपना ब्लड शुगर लेवल हमेशा कंट्रोल में रखें और इसकी नियमित जांच करते रहे.
2. हर दिन सुबह उठने के बाद और रात को सोने से पहले ब्रश या दातुन जरूर करें.
3. दो दांतों के बीच फंसी गंदगी को हटाने के लिए डेंटल फ्लॉस का इस्तेमाल करें.
4. सिगरेट, शराब और कोल्ड ड्रिंक्स से आपके दातों को नुकसान पहुंचता है, इससे दूरी बना लें.
5. रेगुलर डेंटिस्ट्स के पास जाए और अपने दांतो का टेस्ट कराए, जररूत पड़ने पर स्केलिंग कराएं.

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