Heart Attack Alert: जानिए सर्दियों में हार्ट अटैक का खतरा क्यों रहता है

Update: 2025-11-24 06:37 GMT
Heart Attack Alert: ठंड का मौसम शुरू होते ही तापमान में गिरावट आती है, दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। खासकर बुजुर्ग, हाई बीपी, डायबिटीज या पहले से हार्ट की समस्या वाले लोग ज्यादा प्रभावित होते हैं। ठंड में हार्ट पर दबाव बढ़ जाता है और छोटी-छोटी लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है।
हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षण
डॉक्टरों का कहना है कि ठंड के मौसम में कुछ चेतावनी संकेत दिखाई देते हैं, जिन्हें गंभीरता से लेना चाहिए:
छाती में दर्द या भारीपन, जो बाएं हाथ, कंधे या पीठ तक फैल सकता है।
सांस फूलना, हल्का चक्कर आना
अत्यधिक थकान और पसीना आना
 कुछ लोगों में जबड़े या गर्दन में दर्द भी दिखाई देता है।
ठंड में हार्ट अटैक बढ़ने के 4 मुख्य कारण
 नसों का सिकुड़ना:
ठंड में शरीर की नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और हार्ट पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
 ब्लड का गाढ़ा होना:
ठंड में शरीर का तापमान कम होने से खून गाढ़ा हो जाता है। इससे ब्लड क्लॉट बनने की संभावना बढ़ जाती है, जो हार्ट अटैक या स्ट्रोक का कारण बन सकता है।
 ऑक्सीजन की कमी:
हार्ट शरीर को गर्म रखने के लिए ज्यादा मेहनत करता है। कमजोर हार्ट वाले लोगों में इससे ऑक्सीजन की कमी हो सकती है, जो अटैक का खतरा बढ़ा देती है।
 अचानक भारी काम या एक्सरसाइज:
ठंड में बिना वॉर्म-अप के भारी काम या व्यायाम करना दिल पर दबाव डालता है। इससे हार्ट की धड़कन अनियमित हो सकती है और अटैक की स्थिति बन सकती है।
 शरीर को गर्म रखें, अचानक ठंडे वातावरण में न जाएँ
 नियमित रूप से ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराएँ
 बिना वॉर्म-अप के भारी व्यायाम या काम न करें
 धूम्रपान से बचें और हेल्दी डाइट लें
छाती में दर्द, सांस फूलना या अत्यधिक थकान महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
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