Health:आखिर क्यों युवाओं में बढ़ती जा रही रीढ़ की हड्डी की समस्याएं, जानिए इसके कारण और उपाय

Update: 2025-10-30 02:28 GMT
Health: आज कल की खराब लाइफस्टाइल और भागदौड़ भरी जिंदगी की वजह से युवाओं में रीढ़ की हड्डी से जुड़ी की समस्याएं बढ़ गई है. जिससे बैक पेन, सर्वाइकल और खराब पोस्चर जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कमर दर्द भी रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्या मानी जाती है. कमर दर्द के अलग-अलग प्रकार के होते हैं और ये अलग-अलग कारणों से शुरू होता है. हालांकि कुछ प्रकार के कमर दर्द गलत पोश्चर में बैठने या फिर कुछ लाइफस्टाइल की मामूली गलतियों के कारण होता है जो कुछ समय में ठीक हो जाता है. लेकिन कुछ कमर दर्द ऐसे भी होते हैं जो दिखने में तो मामूली लगते हैं लेकिन ध्यान ना दिया जाए तो वो खतरनाक रूप भी ले सकते हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको इस आर्टिकल में बताते हैं कि युवाओं में कमर दर्द की समस्या क्यों बढ़ रही हैं और इन्हें कैसे कम किया जा सकता है.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
एक्सपर्ट के मुताबिक, भारत में करीब 15 लाख लोग रीढ़ की हड्डी में चोट से परेशान हैं. 2023 की एक रिपोर् में लोअरबैक पेन या कमर दर्द दुनियाभर में जल्दी मौत और सेहत बिगड़ने की 10 वजहों में से एक है. इसकी 2021 की रिपोर्ट में बताया गया था कि दुनियाभर में होने वाली रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्या से 15 प्रतिशत मामले भारत के हैं जो चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है. तो वहीं 2024 की रिपोर्ट में 61 प्रतिशत स्कूली छात्र जो ई-लर्निंगडिवाइस का इस्तेमाल करते हैं उन्हें गर्दन दर्द की शिकायत थी. इसके अलावा 2020 से 2023 की स्टडी के मुताबिक 18 से 38 साल की उम्र वाले लोगों में कमर दर्द की शिकायत सबसे अधिक थी.
युवाओं में कमर दर्द के लक्षण और कारण :
स्टडी के मुताबिक, रीड़ की हड्डी आपकी गर्दन से लेकर लोअरबैक तक होती है. लेकिन यदि इसमें कोई इंजरी होती है तो वो कमर वाले हिस्से में सबसे अधिक होती है. यदि किसी युवा को लगातार कमर दर्द की शिकायत रहती है तो 40 साल तक आते-आते उसकी समस्या 60 प्रतिशत तक बढ़ सकती है. कम उम्र में रीढ़ चोट, डिस्क के जल्दी घुसने, समय से पहले गठियां, दर्द, सांस या नसों की समस्या का कारण बन सकती है.
एक्सरसाइज और फिजिकलएक्टिविटी की कमी:
नियमित एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग न करने से रीढ़ की हड्डी कमजोर हो जाती है. मांसपेशियां कमजोर होने से स्पाइनलडिस्क पर दबाव बढ़ता है जिससे दर्द और अन्य समस्याएं हो सकती हैं.
असंतुलित खानपान और पोषण की कमी:
जंकफूड और ज्यादा शुगर का सेवन इंफ्लेमेशन बढ़ाकर रीढ़ की हड्डी को नुकसान पहुंचा सकता है. शरीर में कैल्शियम, विटामिनडी और मैग्रीशियम की कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं.
अधिक वजन होने से भी रीढ़ की हड्डी और लोअरबैक पर दबाव बढ़ता है जिससे डिस्कप्रॉब्लम और स्लिपडिस्क का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में इस बात का ध्यान रखें कि वजन कंट्रोल में रहे
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