लाइफस्टाइल : शहरों में रहने वाले लोगों के लिए घर पर ताजी और हरी सब्जियां उगाना मुश्किल लग सकता है। खासकर फ्लैट में जहां बगीचे के लिए अलग से जगह नहीं होती। लेकिन थोड़ी सी धूप आने वाली छोटी बालकनी भी किचन गार्डन के लिए पर्याप्त हो सकती है। कई ऐसी सब्जियां और हर्ब्स हैं जिन्हें गमले या ग्रो बैग में आसानी से उगाया जा सकता है और इनके लिए बहुत ज्यादा मेहनत की भी जरूरत नहीं पड़ती।

बालकनी में सब्जियां उगाने के लिए सबसे पहले ऐसी जगह चुनें जहां रोजाना कुछ घंटे धूप आती हो। इसके बाद गमले, पुराने कंटेनर या ग्रो बैग का इस्तेमाल किया जा सकता है। कंटेनर में पानी निकलने के लिए नीचे छेद होना जरूरी है, क्योंकि पानी जमा रहने से पौधों की जड़ें खराब हो सकती हैं।
धनिया बालकनी में उगाने के लिए सबसे आसान विकल्पों में शामिल है। धनिये के बीजों को हल्का दबाकर मिट्टी में डालें और नियमित रूप से हल्का पानी देते रहें। कुछ ही समय में हरी पत्तियां निकलने लगती हैं। जरूरत के अनुसार इन्हें काटकर रसोई में इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसी तरह मेथी भी कम जगह में तेजी से तैयार होने वाली पत्तेदार सब्जी है। इसे ज्यादा गहरे गमले की जरूरत नहीं होती। बीजों को मिट्टी में डालने के बाद पर्याप्त नमी बनाए रखने पर कुछ दिनों में पौधे दिखाई देने लगते हैं। इसकी पत्तियों की समय-समय पर कटाई की जा सकती है।
पालक को भी बालकनी के गमलों और ग्रो बैग में लगाया जा सकता है। इसके लिए चौड़ा कंटेनर बेहतर रहता है। मिट्टी में पर्याप्त जैविक खाद मिलाकर बीज बोने और नियमित पानी देने से अच्छी पत्तियां मिल सकती हैं। हालांकि मौसम और धूप के अनुसार इसकी वृद्धि प्रभावित हो सकती है।
अगर बालकनी में अच्छी धूप आती है तो टमाटर भी लगाया जा सकता है। इसके लिए अपेक्षाकृत बड़ा और गहरा गमला चुनना बेहतर है। पौधा बड़ा होने पर उसे सहारा देने के लिए लकड़ी या किसी स्टिक का इस्तेमाल किया जा सकता है। टमाटर के पौधे को आमतौर पर पत्तेदार सब्जियों की तुलना में अधिक धूप और देखभाल की जरूरत होती है।
हरी मिर्च भी घर के किचन गार्डन के लिए लोकप्रिय पौधा है। इसे गमले में आसानी से लगाया जा सकता है। पर्याप्त धूप, अच्छी मिट्टी और संतुलित पानी मिलने पर एक पौधा लंबे समय तक मिर्च दे सकता है। जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचना चाहिए।
इसके अलावा पुदीना छोटी बालकनी के लिए अच्छा विकल्प है। इसे बीज की बजाय कटिंग से उगाना अक्सर आसान रहता है। पुदीना तेजी से फैलता है, इसलिए इसे अलग गमले में रखना बेहतर होता है। नियमित कटाई करने से नई पत्तियां निकलती रहती हैं।
किचन गार्डन तैयार करते समय मिट्टी की गुणवत्ता का ध्यान रखना भी जरूरी है। मिट्टी में कम्पोस्ट या अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद मिलाई जा सकती है। पौधों को पानी मौसम और मिट्टी की नमी देखकर दें। हर दिन जरूरत से ज्यादा पानी देना पौधों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
इस तरह फ्लैट की छोटी सी बालकनी में धनिया, मेथी, पालक, टमाटर, हरी मिर्च और पुदीना जैसे पौधे लगाकर घर पर ताजी सब्जियों और हर्ब्स का आनंद लिया जा सकता है। सही धूप, पानी और थोड़ी नियमित देखभाल से सीमित जगह को भी खूबसूरत और उपयोगी किचन गार्डन में बदला जा सकता है।
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