लाइफ स्टाइल : बारिश और उमस का मौसम आते ही मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ने लगती है। आमतौर पर लोगों को लगता है कि मच्छर केवल गंदे नालों, कचरे या दूषित पानी में ही पनपते हैं, लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है। घर के अंदर और आसपास जमा साफ पानी भी मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल जगह बन सकता है। खासतौर पर एडीज मच्छर साफ और लंबे समय तक रुके हुए पानी में अंडे दे सकता है। यही मच्छर डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के प्रसार से जुड़ा है। ऐसे में घर की नियमित सफाई के साथ उन छोटी-छोटी जगहों की जांच करना भी जरूरी है, जहां अनजाने में पानी जमा रहता है।
कूलर में जमा पानी
गर्मी और उमस के दौरान घरों में कूलर का इस्तेमाल आम है। कई बार कूलर बंद करने के बाद भी उसके टैंक में पानी पड़ा रहता है। लंबे समय तक पानी नहीं बदलने या कूलर की नियमित सफाई नहीं करने पर यह मच्छरों के पनपने की जगह बन सकता है। इसलिए कूलर का पानी नियमित रूप से बदलना चाहिए। अगर कई दिनों तक कूलर का इस्तेमाल नहीं करना है तो उसका पानी पूरी तरह निकालकर टैंक को साफ और सूखा रखना बेहतर है।
फ्रिज की ड्रेन ट्रे
फ्रिज के पीछे या नीचे लगी ड्रेन ट्रे पर अक्सर लोगों का ध्यान नहीं जाता। फ्रिज से निकलने वाला पानी इस ट्रे में जमा हो सकता है। सामान्य परिस्थितियों में यह पानी धीरे-धीरे सूख जाता है, लेकिन ज्यादा नमी या किसी तकनीकी समस्या के कारण पानी लंबे समय तक जमा रहे तो वहां मच्छरों के लिए अनुकूल स्थिति बन सकती है। इसलिए समय-समय पर फ्रिज के पीछे की सफाई करने के साथ ड्रेन ट्रे भी जांचनी चाहिए।
गमलों की प्लेट और पौधों के आसपास
घर की बालकनी, छत या कमरों में रखे पौधों को पानी देते समय अतिरिक्त पानी गमले के नीचे रखी प्लेट में जमा हो जाता है। यही थोड़ी-सी मात्रा भी मच्छरों के लिए पर्याप्त हो सकती है। इसलिए पौधों को पानी देने के बाद प्लेट में जमा अतिरिक्त पानी निकाल देना चाहिए। घर में रखे मनी प्लांट या दूसरे पानी वाले पौधों का पानी भी नियमित अंतराल पर बदलना जरूरी है।
बाल्टी और दूसरे खुले बर्तन
बाथरूम या घर के दूसरे हिस्सों में पानी से भरी बाल्टियां, टब और अन्य खुले बर्तन भी जोखिम बढ़ा सकते हैं। अगर पानी को लंबे समय तक संग्रह करके रखना जरूरी है तो बर्तन को ढक्कन से अच्छी तरह बंद रखना चाहिए। खाली बाल्टियों और बर्तनों को उल्टा करके रखना बेहतर है, ताकि बारिश या सफाई के दौरान उनमें पानी जमा न हो।
छत और बालकनी में रखा कबाड़
पुराने टायर, टूटे गमले, प्लास्टिक के डिब्बे, बोतलें, नारियल के खोल और अन्य अनुपयोगी सामान में बारिश का पानी आसानी से जमा हो जाता है। इनमें बहुत कम पानी दिखाई देने के कारण लोग अक्सर ध्यान नहीं देते। यही छोटी जगहें मच्छरों के प्रजनन स्थल में बदल सकती हैं। छत और बालकनी की नियमित जांच करें और ऐसा सामान हटा दें जिसमें पानी जमा होने की संभावना हो।
सप्ताह में एक बार जरूर करें जांच
मच्छरों से बचाव के लिए केवल स्प्रे, कॉइल या दूसरे रिपेलेंट उत्पादों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। सबसे महत्वपूर्ण उपाय घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देना है। सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर, गमले, बाल्टी, छत, बालकनी और पानी रखने वाले दूसरे स्थानों की जांच की जा सकती है। पानी की टंकियों को ढककर रखना और आसपास सफाई बनाए रखना भी जरूरी है।
अगर घर के किसी हिस्से में पानी जमा हो रहा है तो उसके कारण को पहचानकर जल्द समाधान करना चाहिए। नालियों में पानी का बहाव बनाए रखना और बेकार पड़े ऐसे सामान को हटाना भी उपयोगी है जिसमें बारिश का पानी रुक सकता है।
मच्छर से बचाव में सावधानी जरूरी
मच्छरों के काटने से बचने के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनना, खिड़की-दरवाजों पर जाली लगाना और जरूरत के अनुसार मच्छरदानी या उपयुक्त रिपेलेंट का इस्तेमाल किया जा सकता है। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों वाले घरों में पानी जमा होने वाली जगहों की नियमित निगरानी महत्वपूर्ण है।
बुखार, तेज सिरदर्द, शरीर में दर्द, कमजोरी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है। मच्छरों से बचाव की शुरुआत घर की उन छोटी जगहों से होती है, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। थोड़ी सतर्कता और नियमित सफाई से मच्छरों के प्रजनन के संभावित ठिकानों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
Tags: