लाइफस्टाइल। बदलते मौसम, धूल-मिट्टी, प्रदूषण और व्यस्त दिनचर्या के कारण त्वचा की देखभाल करना जरूरी हो जाता है। खासकर सर्दियों में चेहरे की त्वचा रूखी और बेजान महसूस हो सकती है। ऐसे में कई लोग बाजार में मिलने वाले महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स के बजाय घर पर तैयार किए जाने वाले फेस पैक का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। यदि आप भी प्राकृतिक सामग्री से त्वचा की देखभाल करना चाहते हैं, तो अपराजिता के नीले फूल, मुल्तानी मिट्टी और एलोवेरा जेल से फेस पैक तैयार कर सकते हैं। इसमें गुलाब जल और थोड़ी ग्लिसरीन मिलाई जा सकती है। हालांकि, प्राकृतिक सामग्री भी हर व्यक्ति की त्वचा के लिए सुरक्षित हो, यह जरूरी नहीं है।
अपराजिता एक सुंदर फूल वाला पौधा है, जिसे अंग्रेजी में बटरफ्लाई पी कहा जाता है। इसके नीले फूलों में एंथोसायनिन नामक प्राकृतिक रंगद्रव्य पाया जाता है। इनमें कुछ ऐसे पादप यौगिक भी मौजूद होते हैं, जिनके एंटीऑक्सीडेंट गुणों का वैज्ञानिक अध्ययन किया गया है। हालांकि, अपराजिता के फूलों से तैयार घरेलू फेस पैक के त्वचा को गोरा बनाने, दाग-धब्बे मिटाने या झुर्रियां हटाने के दावों के समर्थन में अभी पर्याप्त मानव-अध्ययन उपलब्ध नहीं हैं।
यदि आप इसे घरेलू स्किन केयर रूटीन में शामिल करना चाहते हैं, तो साफ-सफाई और त्वचा की संवेदनशीलता का ध्यान रखना जरूरी है।इस फेस पैक को तैयार करने के लिए लगभग चार से पांच ताजे अपराजिता के नीले फूल, एक छोटा चम्मच मुल्तानी मिट्टी, एक छोटा चम्मच एलोवेरा जेल, आवश्यकतानुसार गुलाब जल और जरूरत होने पर एक से दो बूंद ग्लिसरीन लें। कोशिश करें कि फूल ऐसे पौधे से लिए गए हों जिस पर कीटनाशक या अन्य रसायनों का छिड़काव नहीं किया गया हो।
सबसे पहले अपराजिता के फूलों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें, ताकि उन पर मौजूद धूल-मिट्टी हट जाए। इसके बाद फूलों को थोड़े साफ पानी के साथ पीसकर मुलायम पेस्ट तैयार करें। यदि फूलों का पेस्ट बहुत गाढ़ा है, तो इसमें थोड़ा पानी मिलाया जा सकता है।
अब एक साफ कटोरी में मुल्तानी मिट्टी डालें। इसमें तैयार किया गया अपराजिता के फूलों का पेस्ट मिलाएं। इसके बाद एलोवेरा जेल डालकर अच्छी तरह मिश्रित करें। जरूरत के अनुसार थोड़ा गुलाब जल मिलाएं, ताकि पेस्ट आसानी से चेहरे पर लगाया जा सके।यदि आपकी त्वचा सामान्य या रूखी है, तो इसमें एक से दो बूंद ग्लिसरीन भी मिला सकते हैं। ग्लिसरीन त्वचा में नमी बनाए रखने में मदद करने वाला एक प्रचलित स्किन केयर घटक है। हालांकि, बहुत अधिक मात्रा मिलाने से मिश्रण चिपचिपा हो सकता है।
सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर एक समान पेस्ट बना लें। ध्यान रखें कि इसमें फूलों के बड़े टुकड़े न रहें, क्योंकि चेहरे पर रगड़ने से त्वचा में जलन हो सकती है।फेस पैक लगाने से पहले चेहरे को हल्के फेस वॉश और साफ पानी से धो लें। इसके बाद मुलायम तौलिये से चेहरे को हल्के हाथों से सुखाएं। त्वचा को जोर से रगड़ने से बचें।पहली बार इस्तेमाल करने से पहले इस मिश्रण का पैच टेस्ट करना जरूरी है। इसके लिए त्वचा के एक छोटे हिस्से पर थोड़ी मात्रा लगाकर प्रतिक्रिया देखें। यदि लालिमा, खुजली, जलन या सूजन हो, तो इसका इस्तेमाल न करें। त्वचा विशेषज्ञ नए स्किन केयर उत्पादों को नियमित रूप से लगाने से पहले छोटे हिस्से पर परीक्षण करने की सलाह देते हैं।
यदि मिश्रण से कोई परेशानी नहीं होती और त्वचा सामान्य रहती है, तो चेहरे पर इसकी पतली परत लगा सकते हैं। आंखों, होंठों और किसी घाव वाले हिस्से पर इसे लगाने से बचें।फेस पैक को लगभग पांच से दस मिनट तक रखा जा सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह सूखकर कठोर होने या त्वचा में खिंचाव पैदा करने तक न छोड़ें। यदि लगाने के तुरंत बाद जलन महसूस हो, तो बिना इंतजार किए साफ पानी से धो लें।
फेस पैक हटाने के लिए सामान्य या हल्के गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। चेहरे को जोर से रगड़कर साफ न करें। इसके बाद त्वचा के अनुकूल मॉइस्चराइजर लगाएं, ताकि त्वचा में नमी बनी रहे।मुल्तानी मिट्टी आमतौर पर अतिरिक्त तेल को सोखने के लिए फेस पैक में इस्तेमाल की जाती है। इसलिए तैलीय त्वचा वाले लोगों को इसका उपयोग पसंद आ सकता है। हालांकि, यह कुछ लोगों की त्वचा को अधिक शुष्क भी कर सकती है। विशेष रूप से सर्दियों में बार-बार मुल्तानी मिट्टी लगाने से रूखापन बढ़ सकता है।
एलोवेरा जेल का उपयोग कई स्किन केयर उत्पादों में किया जाता है। इसके बावजूद कुछ लोगों को एलोवेरा से एलर्जी या त्वचा में जलन हो सकती है। इसलिए ताजा पत्ते से निकाले गए जेल के बजाय साफ और त्वचा पर इस्तेमाल के लिए उपयुक्त उत्पाद का चुनाव करना बेहतर हो सकता है।गुलाब जल का इस्तेमाल भी सावधानी से करना चाहिए। यदि इसमें अतिरिक्त खुशबू या अन्य मिलाए गए पदार्थ हों, तो संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को परेशानी हो सकती है। गुलाब जल जरूरी सामग्री नहीं है; इसकी जगह साफ पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है।
जिन लोगों को एक्जिमा, रोसैशिया, सक्रिय मुंहासों में सूजन या पहले से किसी सामग्री से एलर्जी की समस्या है, उन्हें घरेलू फेस पैक लगाने से पहले त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। यदि त्वचा पर जलन, घाव या संक्रमण है, तो ऐसे मिश्रण का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।घरेलू फेस पैक बनाते समय स्वच्छता भी जरूरी है। फूलों और अन्य सामग्रियों को साफ रखें तथा मिश्रण ताजा तैयार करें। बचा हुआ मिश्रण कई दिनों तक रखकर दोबारा इस्तेमाल न करें, क्योंकि घर पर तैयार किए गए ऐसे उत्पादों में सुरक्षित भंडारण और सूक्ष्मजीवों से बचाव की व्यवस्था नहीं होती।
ध्यान रखें कि कोई भी फेस पैक नियमित त्वचा देखभाल का विकल्प नहीं है। स्वस्थ त्वचा के लिए हल्के क्लींजर, त्वचा के अनुसार मॉइस्चराइजर और दिन में सनस्क्रीन का इस्तेमाल अधिक महत्वपूर्ण है।अपराजिता के नीले फूलों से तैयार यह फेस पैक घरेलू ब्यूटी केयर का एक विकल्प हो सकता है, लेकिन इससे त्वचा का रंग बदलने या किसी त्वचा रोग के ठीक होने की गारंटी नहीं है। सही सामग्री, सीमित इस्तेमाल और जरूरी सावधानियों के साथ ही इसे अपनी स्किन केयर रूटीन में शामिल करना चाहिए।
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