लाइफ स्टाइल। आंखों के नीचे काले घेरे यानी डार्क सर्कल्स आजकल एक आम समस्या बन गए हैं। लगातार मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल, पर्याप्त नींद नहीं लेना, तनाव, एलर्जी और बढ़ती उम्र जैसे कई कारणों से आंखों के आसपास कालापन दिखाई दे सकता है। इसे कम करने के लिए लोग महंगी आई क्रीम से लेकर घरेलू नुस्खों तक कई तरीके अपनाते हैं। इसी बीच आयुर्वेद से जुड़े पारंपरिक उपाय भी चर्चा में हैं। कुछ नुस्खों को सैकड़ों साल पुराना बताकर प्रचारित किया जाता है, लेकिन किसी विशेष उपाय के 800 साल पुराने होने या उससे डार्क सर्कल्स पूरी तरह मिटने का विश्वसनीय प्रमाण नहीं मिला है।
आयुर्वेद में त्वचा की देखभाल के लिए प्राकृतिक तेल, घी और विभिन्न वनस्पतियों के इस्तेमाल की परंपरा रही है। हालांकि, आंखों के आसपास की त्वचा बेहद संवेदनशील होती है। ऐसे में किसी भी घरेलू सामग्री को बिना सावधानी के लगाना नुकसानदायक हो सकता है।विशेषज्ञों के अनुसार, डार्क सर्कल्स का इलाज करने से पहले इनके कारण को समझना जरूरी है। कई लोगों में यह समस्या आनुवंशिक होती है, जबकि कुछ में एलर्जी, त्वचा में पिगमेंटेशन, नींद की कमी या आंखों के नीचे की त्वचा पतली होने से काले घेरे नजर आते हैं। कुछ मामलों में आंखों के नीचे गड्ढे पड़ने से बनने वाली छाया भी डार्क सर्कल्स जैसी दिखाई देती है।
आंखों के नीचे क्या लगाना फायदेमंद हो सकता है?
विशेषज्ञों के मुताबिक, आंखों के आसपास ठंडी पट्टी रखना एक आसान घरेलू उपाय है। इसके लिए साफ कपड़े को ठंडे पानी में भिगोकर कुछ मिनट बंद आंखों पर रखा जा सकता है। इससे सूजन और थकान के कारण दिखाई देने वाले कालेपन में अस्थायी राहत मिल सकती है।ध्यान रहे कि बर्फ को सीधे त्वचा पर नहीं लगाना चाहिए। ठंडी पट्टी भी बहुत अधिक देर तक नहीं रखनी चाहिए।कुछ लोग खीरे के ठंडे टुकड़ों का इस्तेमाल करते हैं। इससे आंखों के आसपास ठंडक और आराम महसूस हो सकता है। हालांकि, खीरे से स्थायी रूप से डार्क सर्कल्स समाप्त होने के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं।
क्या घी और बादाम का तेल लगाने से कालापन दूर होता है?
आयुर्वेदिक और पारंपरिक घरेलू उपायों में घी तथा बादाम के तेल का उल्लेख मिलता है। कुछ लोग इनका इस्तेमाल आंखों के आसपास की रूखी त्वचा को मुलायम रखने के लिए करते हैं।लेकिन यह समझना जरूरी है कि त्वचा में नमी बनाए रखना और पिगमेंटेशन कम करना दो अलग बातें हैं। घी या बादाम का तेल लगाने से डार्क सर्कल्स पूरी तरह समाप्त होने का ठोस वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।इसके अलावा, तेल या घी आंखों में चला जाए तो जलन अथवा असुविधा हो सकती है। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को एलर्जी की समस्या भी हो सकती है। इसलिए किसी भी नए उत्पाद के इस्तेमाल से पहले त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
डार्क सर्कल्स कम करने के लिए नींद भी जरूरी
काले घेरों से बचाव में अच्छी नींद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। लगातार कम सोने से आंखों के आसपास थकान और सूजन अधिक दिखाई दे सकती है।वयस्कों को सामान्यतः प्रतिदिन लगभग सात से नौ घंटे की नींद लेने की सलाह दी जाती है। इसके साथ ही पर्याप्त पानी पीना, संतुलित भोजन करना और तनाव कम करने का प्रयास करना भी स्वास्थ्य के लिए उपयोगी है।हालांकि, यदि डार्क सर्कल्स आनुवंशिक कारणों या त्वचा की बनावट से जुड़े हैं, तो केवल अच्छी नींद लेने से वे पूरी तरह समाप्त नहीं होंगे।
धूप से त्वचा की सुरक्षा करना जरूरी
सूरज की पराबैंगनी किरणें त्वचा में पिगमेंटेशन बढ़ा सकती हैं। इसलिए धूप में निकलते समय उपयुक्त सनस्क्रीन और धूप का चश्मा इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है।अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी के अनुसार, त्वचा के काले धब्बों को कम करने की देखभाल में धूप से सुरक्षा महत्वपूर्ण है। आंखों के आसपास सनस्क्रीन लगाते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि वह आंखों में न जाए।
कब जरूरी है डॉक्टर की सलाह?
यदि आंखों के नीचे अचानक बहुत अधिक कालापन दिखाई देने लगे या सिर्फ एक आंख के नीचे सूजन और रंग में बदलाव हो, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।इसी तरह लगातार खुजली, लालिमा या त्वचा में जलन होने पर घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। कुछ लोगों में एलर्जी के कारण भी आंखों के नीचे काले घेरे बनते हैं। ऐसे मामलों में एलर्जी का उचित उपचार अधिक उपयोगी हो सकता है।विशेषज्ञों का कहना है कि डार्क सर्कल्स को कम करने के लिए एक ही नुस्खा सभी लोगों पर समान रूप से असर नहीं करता। उपचार इस बात पर निर्भर करता है कि कालापन किस कारण से हो रहा है।