Lifestyle, लाइफस्टाइल : कोलन कैंसर यानी बड़ी आंत का कैंसर धीरे-धीरे बढ़ने वाला लेकिन खतरनाक रोग है। इसका सबसे बड़ा खतरा यह है कि शुरुआती लक्षण आम पेट की समस्याओं या थकान जैसी मामूली चीज़ें लगती हैं, इसलिए लोग इन्हें अनदेखा कर देते हैं। लेकिन अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो ये कोलन कैंसर का संकेत हो सकते हैं।
शुरुआती लक्षणों में सबसे आम है पेट में लगातार दर्द या असहजता महसूस होना। इसके अलावा मल में खून आना या मल का रंग बदलना, कब्ज या दस्त जैसी समस्या लंबे समय तक बनी रहना भी चेतावनी संकेत हैं। अचानक वजन कम होना, बार-बार थकान महसूस करना और भूख कम होना भी इस रोग की शुरुआत में दिख सकते हैं।
ज्योतिष या सामान्य मान्यताओं से अलग, चिकित्सकों का कहना है कि समय पर जांच और सही इलाज से कोलन कैंसर का इलाज संभव है। अगर कोई व्यक्ति इन लक्षणों को महसूस करता है, तो देर न करते हुए डॉक्टर से परामर्श लेना बेहद जरूरी है।
आम तौर पर 50 साल और उससे ऊपर के लोगों में कोलन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन अब यह युवाओं में भी देखने को मिल रहा है। इसलिए पेट की लगातार समस्याओं, वजन में अचानक बदलाव या थकान जैसी स्थितियों को हल्के में न लें।
सुरक्षा के लिए समय-समय पर कोलनoscopy या अन्य जांच कराना लाभकारी है। प्रारंभिक पहचान और इलाज से इस खतरनाक रोग से बचाव संभव है और जीवन सुरक्षित रह सकता है।