आज भारत स्पेस में इतिहास रचने वाला है। चंद्रयान-3, का लैंडर मॉड्यूल शाम 5.45 मिनट पर चांद की ओर बढ़ना शुरू होगा। सफलता पूर्वक सॉफ्ट लैंडिग होने के साथ ही भारत ऐसा करने वाला चौथा देश बन जाएगा। इसरो ने जानकारी दी है कि शाम 6 बजकर 4 मिनट पर इसकी सॉफ्ट लैंडिंग होगी।
आज की तारीख भारत के लिए ऐतिहासिक होने वाली है। स्पेस में भारत एक और इतिहास रचने के लिए पूरी तरह से तैयार है। चंद्रयान-3, का लैंडर मॉड्यूल शाम 5.45 मिनट पर चांद की ओर बढ़ना शुरू होगा। भारतीय स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (इसरो) ने भारत के तीसरे मून मिशन, चंद्रयान- 3 को 14 जुलाई को लॉन्च किया था। आज इसकी सॉफ्ट लैंडिग होनी है। जिसका पूरे देश को बेसब्री से इंतजार है। आज शाम यह चांद के साउथ पोल पर उतरेगा। इससे जुड़ी पूरी अपडेट्स हम आपके साथ शेयर करते रहेंगे।
चंद्रयान-3 से जुड़ी जरूरी जानकारी 
इसरो 6 बजकर4 मिनट पर चांद की सतह पर चंद्रयान की सॉफ्ट लैंडिग करवाएगा। अगर सब कुछ सही तरीके से हुआ, चंद्रयान के विक्रम लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग सफलतापूर्वक हुई तो, रोवर प्रज्ञान उससे बाहर आ जाएगा। इसके बाद चांद की सतह से हमें वहां के पानी और वातावरण की जानकारी मिलती रहेगी। चांद पर पानी, बर्फ या और क्या चीजें मौजूद हैं, इस बारे में सही जानकारी मुहैया हो सकेगी। हालांकि, चंद्रयान की सॉफ्ट लैंडिंग में अभी कुछ चुनौतियां हैं। इसरो की इसमें सफलता की पूरी उम्मीद है।
चंद्रयान-3 से सामने क्या है चुनौतियां? 
चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग में अभी कुछ चुनौतियां भी हैं। सबसे पहली और बड़ी चुनौती लैंडिंग के समय रफ्तार को कंट्रोल करना है। लैंडर उतरते वक्त सीधा रहे और जो जगह इसरो ने चुनी है, लैंडर वहीं लैंड करे, ये कुछ चुनौतियां हैं, जिन्हें अगर चंद्रयान-3 पार कर लेता है, तो आज नया इतिहास रच जाएगा।
जब चंद्रयान-2 हुआ था फेल 
बता दें कि चंद्रयान- 2 को इसरो ने लगभग 4 साल पहले 22 जुलाई, 2019 को चंद्रमा की ओर भेजा था। लेकिन तब चांद की सतह पर इसकी सफल लैंडिंग नहीं हो पाई थी। जब लैंडर चंद्रमा की सतह से कुछ किलोमीटर दूर था, तब कंट्रोल रूम से संपर्क टूट गया था और मिशन फेल हो गया था।
अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Tags: