Bathua Benefits : आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, बथुआ किसी सुपरफूड से कम नहीं है। आपको बता दें कि दादी-नानी के ज़माने से लेकर आज तक, बथुआ का साग, परांठे या रोटी हर घर की सर्दियों की थाली का एक अहम हिस्सा होते हैं।
आयुर्वेद में इसे शरीर को शुद्ध करने वाला एक प्राकृतिक डिटॉक्स भी बताया गया है। तो चलिए बिना देर किए बथुआ खाने के फायदों के बारे में जानते हैं:
इन समस्याओं के लिए बथुआ बेहद फायदेमंद है:
यूरिक एसिड के मरीज:
विशेषज्ञों के अनुसार, यूरिक एसिड से पीड़ित मरीजों को उबला हुआ बथुआ खाना चाहिए। इससे काफी फायदे मिलते हैं। आप सर्दियों में नियमित रूप से बथुआ का सेवन कर सकते हैं।
कब्ज से राहत:
अगर आपको पाचन संबंधी समस्या है या गैस की समस्या है, तो आप इसे नियंत्रित करने के लिए बथुआ का इस्तेमाल कर सकते हैं। कब्ज, भूख न लगना, पाचन क्रिया धीमी होना या खट्टी डकार आने जैसी समस्याओं से राहत पाने के लिए बथुआ के पत्तों को उबालकर उसका पानी पिएं।
मौसमी बीमारियों में फायदेमंद:
सर्दियों में लोगों को सर्दी-जुकाम और खांसी होने की संभावना ज़्यादा होती है। बथुआ आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत करने में कारगर है। बथुआ के पत्तों में सेंधा नमक मिलाकर छाछ के साथ सेवन करने से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मज़बूत होगी।
त्वचा के लिए फायदेमंद:
बथुआ का रस या इसके पत्ते त्वचा रोगों और फोड़े-फुंसियों से राहत दिलाते हैं। त्वचा रोगों से छुटकारा पाने के लिए बथुआ के पत्तों को पीसकर रस निकाल लें और फिर इसे पिएं। इससे त्वचा संबंधी सभी रोग दूर हो जाते हैं।
ये पत्ते खून बढ़ाते हैं:
बथुआ का सेवन एनीमिया से बचाता है। बथुआ आयरन से भरपूर होता है, इसलिए यह हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है। इसके पत्तों का रस पीने से रक्त भी शुद्ध होता है।
हृदय के लिए स्वास्थ्यवर्धक:
बथुआ का सेवन हृदय रोगों से भी बचाता है। इसमें मौजूद पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट हृदय को मज़बूत बनाते हैं और इसे हृदय टॉनिक माना जाता है। बथुआ का सेवन हृदय को स्वस्थ रखने में बेहद कारगर साबित होता है।
लिवर की सफ़ाई:
बथुआ के रस का सेवन करने से लिवर की सफ़ाई होती है। बथुआ का सूप लिवर, तिल्ली और पित्ताशय को स्वस्थ रखने में मदद करता है। सर्दियों में बथुआ खाने से लिवर स्वस्थ रहता है।