Baba Ramdev : गठिया रोग में खान-पान पर ध्यान देना ज़रूरी है। गठिया रोग रक्त में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने से होता है। इस रोग में अगर हम किसी खास मुद्रा में बैठते या सोते हैं, तो जोड़ों में यूरिक एसिड जमा हो जाता है, जिससे दर्द बढ़ जाता है। इससे चलने-फिरने में भी दिक्कत होती है। बाबा रामदेव ने बताया कि गठिया रोग शरीर में विटामिन डी, बी-12, ई और कैल्शियम की लंबे समय तक कमी के कारण होता है। गठिया के मरीजों को अपने खान-पान का भी खास ध्यान रखने की सलाह दी जाती है, ताकि यह समस्या बढ़े नहीं। आइए आपको बताते हैं कि बाबा रामदेव ने किन चीजों को खाने की सलाह दी है।
क्या न खाएं:
बाबा रामदेव कहते हैं कि विटामिन डी, बी-12, ई और कैल्शियम सूक्ष्म तत्व हैं, जिनकी कमी हमारे शरीर पर बुरा असर डाल सकती है। गठिया रोग का एक कारण इन तत्वों की कमी भी है। स्वामी रामदेव कहते हैं कि गठिया रोग में दही, छाछ, नींबू, टमाटर और अचार जैसे खट्टे पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। दरअसल, ये खाद्य पदार्थ दर्द के साथ-साथ यूरिक एसिड की मात्रा भी बढ़ाते हैं। ज़्यादा नमक, तेल या प्रोसेस्ड फ़ूड खाने से भी गठिया की समस्या बढ़ सकती है। इससे जोड़ों में सूजन भी हो सकती है।
इन चीज़ों का सेवन करें:
बाबा रामदेव कहते हैं कि गठिया के मरीज़ों को ज़्यादा से ज़्यादा अंकुरित खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। ये लोग सुबह खाली पेट अंकुरित मेथी के दाने खा सकते हैं। इसके लिए उन्हें रात में 1 गिलास पानी में 1 चम्मच मेथी के दाने भिगोने होंगे। आप इस पानी को पी लें और भीगी हुई मेथी को अंकुरित होने के लिए छोड़ दें। दरअसल, भीगी हुई मेथी स्वाद में कड़वी हो सकती है और अंकुरित होने पर इसका स्वाद बदल जाता है, जिससे आपको इसे खाने में कड़वाहट महसूस नहीं होगी। इन लोगों को एलोवेरा जूस भी पीना चाहिए। कच्ची हल्दी का सेवन करना चाहिए।
शुद्ध देसी गाय का घी खाना चाहिए। अजवाइन, हींग और सेंधा नमक खाना सही रहेगा। रागी या बाजरे के आटे से बनी रोटी खानी चाहिए। गोंद के लड्डू खाने से भी गठिया से राहत मिलती है। इसके अलावा, स्वामी रामदेव कहते हैं कि रोज़ाना कपालभाति करने से भी फ़ायदा होगा।