हर साल 8 मार्च को पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है. यह दुनिया भर में महिलाओं के सम्मान में मनाया जाता है. वैसे तो हर दिन महिलाओं के योगदान की जितनी तारीफ की जाए कम है. लेकिन फिर भी उनके सम्मान के लिए एक खास दिन चुना गया है. समाज में महिलाओं के प्रति सम्म्मान और जागरुकता फैलाने के लिए मनाया जाता है. महिला दिवस (International Women’s Day Special) पर कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. दुनिया भर में नारी शक्ति को सम्मान देने के लिए महिला दिवस पर सेमिनार, सभाएं, रैलियां, पुरस्कार समारोह आयोजित किए जाते हैं. भारत एक राष्ट्र के रूप में महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों का जश्न मनाता है और उन्हें सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं भी शुरू की हैं. आइए जानते हैं ऐसी योजनाओं के बारे में जो सरकार द्वारा शिक्षा, सुरक्षा और वित्तीय स्वतंत्रता की जरूरतों को पूरा करने के लिए शुरू की गई हैं.
महिला सम्मान बचत पत्र योजना
बजट 2023 में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने महिलाओं और लड़कियों के लिए महिला सम्मान बचत पत्र योजना या महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र योजना नामक एक बचत योजना की घोषणा की. इस योजना का उद्देश्य महिलाओं और लड़कियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है. यह एक बार की नई छोटी बचत योजना है जो अधिकतम 2 लाख रुपये की जमा राशि पर 7.5 प्रतिशत की ब्याज दर प्रदान करती है. यह योजना मार्च 2025 तक वर्षों के लिए उपलब्ध होगी.
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)
सरकार ने ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ पहल के तहत बालिकाओं के लिए एक बचत योजना शुरू की है. इस योजना के तहत 10 वर्ष या उससे कम उम्र की बालिका खाता खोल सकती है. यह योजना कई कर लाभों के साथ उच्च ब्याज दर प्रदान करती है. भारतीय डाकघर के अनुसार, एक कानूनी अभिभावक / प्राकृतिक अभिभावक प्रति वित्तीय वर्ष न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1,50,000 रुपये जमा करके बालिका के नाम पर एसएसए खोल सकता है. खाते में बाद में 50 रुपये के गुणकों में जमा किया जा सकता है.
सखी निवास
कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए सखी निवास नामक योजना शुरू की गई. यह योजना नए छात्रावास भवनों के निर्माण, मौजूदा छात्रावास भवनों के विस्तार और किराए के परिसर में छात्रावास भवनों के लिए परियोजनाओं की सहायता कर रही है. इस योजना के तहत सहायता की जा रही कामकाजी महिला छात्रावास परियोजनाओं को जाति, धर्म, वैवाहिक स्थिति आदि के संबंध में बिना किसी भेदभाव के सभी कामकाजी महिलाओं को उपलब्ध कराया जाएगा.
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