फिर लौट कर आऊंगा ऐ वतन हिम्मत रख, मुझे मालूम है मेरे बिन तू भी न रह पाएगा।फनाह हो गई वो रूहें जो हिंदुस्तान की सुरक्षा में हमेशा सीना ताने खड़ी थीं। जनरल बिपिन रावत की मौत की खबर से देश सदमे में है। उनके साथ देश ने 12 और वीरों को खोया है।
देश के इन वीर सपूतों के निधन से पाषाण पर्वत भी थर्रा उठे होंगे, लेकिन यह वक्त आंसू बहाने का नहीं है। यह वक्त है हमारे वीर सपूतों को सलाम करने का। तो बजने दो बिगुल का अंतिम नाद, जमने तो आकाश में उनकी अमरता के नारे, वो थे नहीं वो हैं और वो रहेंगे। सीडीएस बिपिन रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत रहेंगे अपनी बेटियों की चमकती आंखों में। शहीद हुआ हर वीर रहेगा अपने देश की मिट्टी में, हज़ारों आंखों में और इस देश के वात्सल्य में। देश हिंदुस्तान के इन वीरों को नमन करता है।
-धीरज कुडिय़ाल, चुवाड़ी, चंबा
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