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जनता से रिश्ता वेबडेस्क | आदिवासियों के जीवन में नृत्य का उतना ही महत्व है जितना कि सांस का। आदिवासी अब यह महसूस करने लगे हैं कि सरकार उनकी नृत्य परंपराओं का इस्तेमाल उनके खिलाफ कर रही है।


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