फाइल फोटो 

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अवैध रेत खनन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने चन्नी को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। चन्नी पर अवैध रेत खनन और अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग से करोड़ों रुपये की कमाई करने का आरोप है। 16 अप्रैल को पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को ईडी के सामने पेश होना है।

चन्नी का भांजा भूपिंदर सिंह उर्फ हनी 20 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में है। अवैध खनन मामले में मनी लांड्रिंग के आरोपों में हनी इस समय कपूरथला जेल में बंद है। अवैध खनन केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भतीजे और उसके सहयोगी के खिलाफ अदालत ईडी ने हाल में चार्जशीट दाखिल की थी। ईडी ने हनी को 3 और 4 फरवरी की दरमियानी रात को गिरफ्तार किया था। भूपिंदर सिंह हनी और उनके सहयोगियों पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी कंपनियां बनाकर मनी लॉन्ड्रिंग की है। इससे पहले 18-19 जनवरी को ईडी की छापेमारी में हनी के घर से करीब 7.9 करोड़ रुपये कैश मिला था। हनी के सहयोगी संदीप कुमार के ठिकाने से दो करोड़ रुपये मिले थे।
18 जनवरी को ईडी ने दी थी भूपिंदर हनी के ठिकानों पर दबिश
सीएम चन्नी की साली के बेटे भूपिंदर हनी पर 18 जनवरी को ईडी ने दबिश दी थी। 2018 में जब कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब के मुख्यमंत्री थे, उस समय अवैध खनन का मामला सामने आया था। ईडी के अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में मुख्य आरोपी कुदरतदीप सिंह ने दो निदेशकों संदीप सिंह और भूपिंदर सिंह के साथ नई कंपनियां बनाई थीं। पूछताछ के बाद ईडी के हाथ भूपिंदर हनी तक पहुंचे और 18 जनवरी को ईडी ने हनी के चंडीगढ़, लुधियाना, मोहाली और फतेहगढ़ के दस अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे मारे। प्रवर्तन निदेशालय को इनके ठिकानों से 10.7 करोड़ रुपये की नकदी बरामद हुई।
Tags: