Delhi दिल्ली: दिल्ली के लाजपत नगर इलाके से लापता हुए युवराज मंचंदा मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान युवराज की हत्या की बात सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में युवराज की पूर्व सहयोगी अनन्या वत्स और उसके साथी संयम सचदेवा को उत्तराखंड से पकड़ा है। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी विनीत कुमार ने बताया कि शाम करीब 4:15 बजे युवराज मंचंदा के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज की और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने युवराज से जुड़ी सभी जानकारी ZIPNET पर अपलोड की और अलग-अलग पहलुओं से जांच आगे बढ़ाई। जांच में पता चला कि युवराज अडानी रियल्टी में सेल्स मैनेजर के पद पर काम करता था।
रेस्टोरेंट से निकलने के बाद हुआ लापता
पुलिस के मुताबिक, 6 तारीख को लाजपत नगर इलाके के एक रेस्टोरेंट में खाना खाने के बाद युवराज वहां से निकला था। उसने बताया था कि वह एक मीटिंग के लिए जा रहा है, लेकिन इसके बाद वह घर नहीं पहुंचा। परिजनों की शिकायत और परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तकनीकी साक्ष्यों समेत अन्य पहलुओं की जांच शुरू की।
पूर्व सहयोगी पर हुआ शक
डीसीपी ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को तकनीकी और अन्य सबूतों के आधार पर युवराज की पूर्व सहयोगी अनन्या वत्स पर शक हुआ। अनन्या पहले युवराज के साथ एमआर कंपनी में काम कर चुकी थी। पुलिस के अनुसार, 8 तारीख से अनन्या का मोबाइल भी बंद था और उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही थी। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने अनन्या और उसके साथी संयम सचदेवा को उत्तराखंड से ट्रेस किया। पूछताछ में दोनों ने युवराज से मुलाकात की बात स्वीकार की और पुलिस के अनुसार, उन्होंने उसकी हत्या करने की बात कबूल की।
गुरुग्राम में शव ठिकाने लगाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने युवराज की हत्या के बाद शव को गुरुग्राम के सेक्टर-70 बादशाहपुर इलाके में ठिकाने लगाने की बात बताई है। पुलिस अब शव बरामद करने और मामले से जुड़े अन्य सबूत जुटाने में लगी है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और हत्या के पीछे की वजह, वारदात की पूरी योजना और अन्य संभावित लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
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