नई दिल्ली। BRICS शिखर सम्मेलन के मंच से चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने वैश्विक आर्थिक सहयोग को लेकर अपनी प्राथमिकताएं सामने रखीं। उन्होंने सदस्य देशों के बीच व्यापार को आसान बनाने, तकनीकी सहयोग बढ़ाने और कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर जोर दिया। शी जिनपिंग ने कहा कि BRICS देशों को मिलकर विकास के नए अवसर पैदा करने चाहिए और वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका को और मजबूत करना चाहिए।
BRICS सम्मेलन में दुनिया की बदलती आर्थिक व्यवस्था, व्यापार, तकनीक, नवाचार और विकासशील देशों की भागीदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। चीन ने इस मंच के जरिए आर्थिक सहयोग को बढ़ाने और सदस्य देशों के बीच आपसी जुड़ाव मजबूत करने की जरूरत बताई।
1. व्यापार और बिजनेस को आसान बनाने पर जोर
शी जिनपिंग ने BRICS देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि देशों को आपसी व्यापार में आने वाली बाधाओं को कम करना चाहिए, ताकि कंपनियों और उद्योगों के लिए नए अवसर पैदा हो सकें।
उन्होंने वैश्विक बाजार में स्थिरता और खुले सहयोग की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि BRICS देशों को आर्थिक साझेदारी को और मजबूत बनाना चाहिए। व्यापार को आसान बनाने से छोटे और मध्यम उद्योगों को भी फायदा मिलने की उम्मीद जताई गई।
2. कुशल लोगों को तैयार करने की जरूरत
चीन के राष्ट्रपति ने भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए कुशल युवाओं और विशेषज्ञों को तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित दुनिया में ऐसे लोगों की जरूरत है, जिनके पास आधुनिक कौशल और नई सोच हो।
उन्होंने शिक्षा, प्रशिक्षण और रिसर्च के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की बात कही। उनका कहना था कि BRICS देशों को मिलकर ऐसा वातावरण तैयार करना चाहिए, जिससे युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें।
3. तकनीकी सहयोग को बढ़ावा
शी जिनपिंग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तकनीक और वैज्ञानिक नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि नई तकनीकें आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
उन्होंने BRICS देशों से डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और तकनीकी साझेदारी बढ़ाने का आह्वान किया। चीन लंबे समय से तकनीकी विकास और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनी आर्थिक रणनीति का अहम हिस्सा मानता रहा है।
4. विकासशील देशों की भागीदारी बढ़ाने की अपील
BRICS मंच पर चीन ने विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने की बात कही। शी जिनपिंग ने कहा कि वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में उभरती अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका बढ़नी चाहिए।
उन्होंने कहा कि BRICS देशों को मिलकर विकासशील देशों के लिए ज्यादा अवसर तैयार करने चाहिए, ताकि वैश्विक विकास ज्यादा संतुलित हो सके।
5. आपसी सहयोग और स्थिरता पर ध्यान
शी जिनपिंग ने BRICS देशों के बीच लंबे समय तक चलने वाले सहयोग की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास के लिए शांति और स्थिरता जरूरी है।
उन्होंने सदस्य देशों से आपसी विश्वास बढ़ाने और साझा चुनौतियों का मिलकर सामना करने की अपील की। उनका कहना था कि सहयोग के जरिए ही वैश्विक अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है।
BRICS का बढ़ता महत्व
BRICS अब दुनिया के प्रमुख आर्थिक समूहों में शामिल हो चुका है। इसमें शामिल देशों की आबादी और आर्थिक क्षमता वैश्विक स्तर पर काफी प्रभाव रखती है। संगठन का उद्देश्य आर्थिक सहयोग बढ़ाना और विकासशील देशों के हितों को आगे बढ़ाना है।
सम्मेलन के दौरान कई नेताओं ने वैश्विक व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और तकनीकी विकास जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी।
भारत और चीन के बीच सहयोग पर नजर
BRICS जैसे मंचों पर भारत और चीन दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण है। दोनों देश आर्थिक रूप से बड़े बाजार हैं और वैश्विक मामलों में प्रभाव रखते हैं।
हालांकि दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद भी रहे हैं, लेकिन बहुपक्षीय मंचों पर आर्थिक सहयोग और वैश्विक चुनौतियों को लेकर बातचीत जारी रहती है।
शी जिनपिंग के बयान को चीन की आर्थिक रणनीति और BRICS के भविष्य के एजेंडे से जोड़कर देखा जा रहा है। व्यापार आसान बनाने, कुशल लोगों को तैयार करने और तकनीकी सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दे आने वाले समय में BRICS की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।