फाइल फोटो 

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। अगर आप ट्रेन में सफर कर रहे हैं और दिल्ली से गुजरने वाले हैं, तो सतर्क रहें। कोरोना महामारी के चलते ट्रेनों की संख्या कम होने के बाद भी स्टेशन और ट्रेनों में लूट, झपटमारी और चोरी की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही है। रेलवे में लगाई गई एक आरटीआई के जवाब में बताया गया है कि दिल्ली से होकर गुजरने वाली रेलगाड़ियों का 30 प्रतिशत अपराध पांच ट्रेन में हो रहा है।

लंबी दूरी की गाड़ियों पर नजर
रेलवे पुलिस की मानें तो बदमाश अक्सर लंबी दूरी की गाड़ी को शिकार बनाते हैं। बिहार और मुंबई की ओर जाने वाली ट्रेनों में भीड़ ज्यादा होती है, जिसके चलते लोग सामान सीटों पर ही रखते हैं। ऐसे में चोर अक्सर डिब्बों से सामान चोरी करके फरार हो जाते हैं। इसके अलावा दक्षिण भारत से आने वाली ट्रेनों में ज्यादातर महिलाएं बड़ी मात्रा में आभूषण पहनकर आती हैं। बदमाश इन महिलाओं को आसान शिकार मानते हैं। साथ ही ज्यादा पैसे कमाने के लालच में इन्हें निशाना बनाते हैं। ये बदमाश शिकार पर नजर रखे रहते हैं और अक्सर ट्रेन की धीमी गति होने पर महिलाओं के आभूषण झपटकर फरार हो जाते हैं।
बैग लूटकर फरार हो गया बदमाश
बैतूल मध्यप्रदेश की रहने वाली कामिनी 25 अप्रैल को अपनी बहन पद्मिनी के साथ पाताल कोट एक्सप्रेस में बैतूल से सफदरजंग आने के लिए सफर कर रही थीं। ओखला के पास पहुंचने पर सिग्नल न होने के चलते ट्रेन धीमी हो गई। अंधेरा और ट्रेन धीमी होने का फायदा उठाकर एक बदमाश ट्रेन में चढ़ा और पीड़िता का बैग लूटकर फरार हो गया। पीड़िता ने आरोपी को पकड़ना चाहा पर वह ट्रेन से उतर कर भाग गया। इसके बाद पीड़िता ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। हजरत निजामुद्दीन रेलवे थाना पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया है।
पैसे और मोबाइल रखा बैग हुआ चोरी
दिल्ली की रहने वाली मान्या शर्मा ने हजरत निजामुद्दीन रेलवे थाना पुलिस को दी शिकायत में उसने बताया कि वह भोपाल जाने के लिए हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से भोपाल एक्सप्रेस में बैठी थी। ट्रेन चलने के बाद जब उसने अपना सामान देखा तो पाया कि सीट पर रखा उनका मोबाइल व पैसों का बैग चोरी हो गया है। पीड़िता ने मामले की सूचना पुलिस को दी। इसके अलावा पीड़िता ने भोपाल उतरने के बाद भी अपनी शिकायत दी। पीड़िता के बयान के बाद हजरत निजामुद्दीन रेलवे थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
 पुरानी दिल्ली-गाजियाबाद
गाजियाबाद से पुरानी दिल्ली की ओर आते हुए सीलमपुर और लोहे के पुल के बीच लालकिले के पास अक्सर सिग्नल न मिलने के चलते ट्रेन धीमी होती है। इसके चलते इन दोनों जगह पर ट्रेन में लूटपाट की वारदातें ज्यादा होती हैं।
पुरानी दिल्ली-रेवाड़ी
पुरानी दिल्ली से रेवाड़ी रूट पर चलने वाली ट्रेनों में अक्सर दया बस्ती, पटेल नगर, दिल्ली कैंट के बीच लूट होती है। दया बस्ती से बदमाश चढ़ते हैं और वारदात कर पटेल नगर, कैंट, पालम में उतरकर भाग जाते हैं।
पुरानी दिल्ली-पानीपत
पुरानी दिल्ली से पानीपत के बीच चलने वाली ट्रेनें जब शकूरबस्ती स्टेशन पार करती हैं तो किशनगंज इलाके में गाड़ी धीमी होने के चलते बदमाश चढ़ जाते हैं और वारदात के बाद चलती ट्रेन से कूद भाग जाते हैं। एक ओर कारोना काल में ट्रेनों की आवाजाही कम हुई, वहीं, आपराधिक वारदातें बढ़ी हैं। झपटमारी की वारदात दोगुने के करीब हो गईं, वहीं, चोरी के मामले भी बढ़े हैं।
इनमें अधिक घटनाएं
1. श्रम शक्ति एक्सप्रेस: नई दिल्ली से कानपुर सेंट्रल जंक्शन
2. यूपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस : ह. निजामुद्दीन जंक्शन से मानिकपुर जंक्शन
3. पुरुषोत्तम एक्सप्रेस : नई दिल्ली से पुरी
4. पूजा एक्सप्रेस : अहमदाबाद से जम्मूतवी
5. टाटा मूरी एक्सप्रेस : वैष्णो देवी से टाटानगर जंक्शनa


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