उच्च शिक्षा में समय-सीमा के भीतर मान्यता और प्रत्यायन सुधार

Update: 2026-08-05 15:06 GMT

New Delhi : यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने डिजिटल और पारदर्शी सिस्टम की ओर बढ़ने के लिए कई वेब पोर्टल और ऑनलाइन सिस्टम बनाए हैं। एक रिलीज़ में बताया गया है कि UGC ने कॉलेजों को 'ऑटोनॉमस' (स्वायत्त) दर्जा देने, 'डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी' का दर्जा देने, ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) के लिए डिस्टेंस एजुकेशन ब्यूरो (DEB) और भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों (HEIs) में ऑनलाइन प्रोग्राम के लिए पोर्टल बनाए हैं।

स्टेकहोल्डर्स से मिले फीडबैक को ध्यान में रखते हुए, UGC ने अब 2(f) और 12B का दर्जा देने के लिए एक यूनिफाइड ऑनलाइन पोर्टल बनाया है। इसके अलावा, नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP), 2020 के विज़न के अनुसार, सरकार ने 'विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल, 2025' पेश किया है। इसमें कहा गया है कि उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए रेगुलेशन का पूरा सिस्टम टेक्नोलॉजी पर आधारित 'सिंगल-विंडो इंटरैक्टिव सिस्टम' के ज़रिए चलाया जाएगा, जो पब्लिक सेल्फ-डिस्क्लोजर (सार्वजनिक रूप से खुद जानकारी देने) पर आधारित होगा।

ऐसे सिस्टम प्रक्रियाओं को आसान बनाएंगे, मनमाने फैसलों को कम करेंगे और भरोसा बढ़ाएंगे, जिससे कार्यक्षमता और जवाबदेही में सुधार होगा। इस बिल को अभी जांच के लिए संसद के दोनों सदनों की एक संयुक्त समिति के पास भेजा गया है।यह जानकारी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने आज राज्यसभा में एक लिखित जवाब में दी।

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