नई दिल्ली: दिल्ली के लाल किला इलाके में 10 नवंबर 2025 को हुए कार बम धमाके की जांच में नया खुलासा सामने आया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की चार्जशीट के मुताबिक, हमलावर उमर-उन-नबी ने विस्फोट से ठीक पहले चांदनी चौक स्थित लाल मंदिर के पास विस्फोटक से भरी i20 कार खड़ी करने की कोशिश की थी। लेकिन भारी ट्रैफिक और पुलिस की मौजूदगी के कारण वह वहां गाड़ी पार्क नहीं कर सका। जांच एजेंसी के मुताबिक इससे संकेत मिलता है कि लाल मंदिर उसका पहला निशाना था।
13 मिनट में बदल गया हमले का प्लान
चार्जशीट के मुताबिक घटना वाले दिन शाम करीब 6:37 बजे सीसीटीवी कैमरों में उमर-उन-नबी लाल मंदिर के पास कार पार्क करने की कोशिश करता दिखाई दिया। इलाके में उस समय भारी यातायात था और पुलिसकर्मी भी तैनात थे। जगह नहीं मिलने पर उसने यू-टर्न लिया और लाल किले की ओर बढ़ गया। इसके महज 13 मिनट बाद यानी करीब 6:50 बजे लाल किले के गेट नंबर-4 के पास विस्फोटक से लदी कार में धमाका हुआ। जांच एजेंसी ने घटनाक्रम को समझने के लिए सीसीटीवी फुटेज समेत कई साक्ष्यों का अध्ययन किया है।
लाल किला इलाके की पहले भी की गई थी रेकी
NIA की चार्जशीट में दावा किया गया है कि यह हमला अचानक लिया गया फैसला नहीं था। उमर-उन-नबी और उसके कथित सहयोगियों ने लंबे समय से इसकी तैयारी की थी। जांच में दिसंबर 2023 से मई 2025 के बीच उमर के लाल किला क्षेत्र में कई बार जाने का जिक्र सामने आया है। एजेंसी का आरोप है कि वह इलाके से अच्छी तरह परिचित था। चार्जशीट में उमर-उन-नबी को कथित रूप से पुनर्जीवित किए गए अंसार गजवात-उल-हिंद मॉड्यूल का ऑपरेशनल इंचार्ज बताया गया है। एजेंसी का आरोप है कि वह 2022 से नेटवर्क को दोबारा सक्रिय करने और हमलों की साजिश आगे बढ़ाने में जुटा था।
कार को बनाया गया था VBIED
NIA के मुताबिक हमले में इस्तेमाल i20 कार को Vehicle-Borne Improvised Explosive Device (VBIED) में बदला गया था। फोरेंसिक जांच में कार से मिले साक्ष्यों में विस्फोटक पदार्थों के निशान मिलने की बात कही गई है। उमर की पहचान की पुष्टि के लिए घटनास्थल से मिले जैविक नमूनों का उसके माता-पिता के DNA से मिलान भी किया गया। जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि मॉड्यूल के सदस्य गुप्त संपर्क के लिए एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते थे और विस्फोटक तैयार करने से जुड़ी ऑनलाइन सामग्री खोजते थे।
चार्जशीट से सामने आ रही साजिश की परतें
NIA ने मई 2026 में इस मामले में 7,500 पन्नों की चार्जशीट 10 आरोपियों के खिलाफ दाखिल करने की जानकारी दी थी और बाद में तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ भी पूरक आरोपपत्र दाखिल किया। अब लाल मंदिर के पास कार पार्क करने की कोशिश से जुड़ा घटनाक्रम इस मामले में महत्वपूर्ण तथ्य के रूप में सामने आया है। हालांकि ये विवरण और आरोप NIA की जांच व चार्जशीट पर आधारित हैं और आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया के तहत अंतिम निष्कर्ष अदालत में तय होंगे।
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