हंगामे के बीच लोकसभा में टैक्स बिल पास, नहीं हुई चर्चा

Update: 2026-08-06 10:00 GMT

नई दिल्ली: अयोध्या में राम मंदिर में दान की कथित चोरी समेत कई मुद्दों को लेकर विपक्ष के लगातार हंगामे के बीच लोकसभा ने गुरुवार को ‘टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल’ को बिना चर्चा के मंजूरी दे दी। विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के कारण सदन में सामान्य कार्यवाही प्रभावित रही और विधेयक पर विस्तृत बहस नहीं हो सकी।

बिल के पारित होने के बाद लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। इस विधेयक के माध्यम से सरकार ने कर संबंधी प्रावधानों में बदलाव के साथ-साथ ‘पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007’ में भी संशोधन का प्रस्ताव रखा था।

संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों के सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्षी सांसदों ने सरकार से कई मामलों पर चर्चा की मांग की और सदन के वेल में पहुंचकर विरोध जताया।

विपक्ष की ओर से उठाए गए मुद्दों में अयोध्या राम मंदिर में दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मामला भी शामिल था। विपक्षी सदस्यों ने इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगते हुए नारे लगाए। लगातार हंगामे के कारण सदन का माहौल शोरगुल वाला बना रहा।

सत्ता पक्ष की ओर से सदन की कार्यवाही चलाने की कोशिश की गई, लेकिन हंगामा जारी रहने के कारण विधेयक पर सामान्य चर्चा नहीं हो सकी। इसके बाद सरकार ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत विधेयक को पारित कराने की कार्यवाही आगे बढ़ाई।

टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल’ का उद्देश्य कर कानूनों में कुछ संशोधन करना है। इसके साथ ही भुगतान और निपटान प्रणाली से जुड़े कानून में बदलाव का प्रावधान भी शामिल किया गया है। सरकार का कहना है कि ये संशोधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुचारू बनाने के लिए जरूरी हैं।

विधेयक में ‘पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007’ से जुड़े प्रावधानों में संशोधन किया गया है। यह कानून देश में भुगतान प्रणालियों के नियमन और निगरानी से संबंधित है। डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल के बीच इस क्षेत्र में नियामकीय व्यवस्था को मजबूत करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।

संसदीय परंपरा के अनुसार, महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के बाद उन्हें पारित किया जाता है, लेकिन गुरुवार को विपक्ष के हंगामे के कारण यह प्रक्रिया प्रभावित रही। सरकार ने कहा कि विधायी कामकाज को आगे बढ़ाना जरूरी है, इसलिए सदन की कार्यवाही के नियमों के तहत बिल को मंजूरी दी गई।

विपक्ष का आरोप है कि सरकार कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बच रही है। विपक्षी दलों का कहना है कि जनता से जुड़े मामलों पर संसद में विस्तृत बहस होनी चाहिए और सरकार को जवाब देना चाहिए।

दूसरी ओर, सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष जानबूझकर सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है। सरकार ने कई बार विपक्ष से सदन चलने देने की अपील की है।

लोकसभा में लगातार हो रहे हंगामे का असर अन्य विधायी कामकाज पर भी पड़ा है। कई मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित होने के बावजूद कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल पा रही है।

संसदीय मामलों के जानकारों के अनुसार, सदन में विरोध और बहस लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन लगातार व्यवधान से विधायी प्रक्रिया प्रभावित होती है। महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा नहीं होने से सांसदों को अपनी बात रखने का अवसर सीमित हो जाता है।

गुरुवार को भी यही स्थिति देखने को मिली, जब विपक्ष के विरोध के बीच सरकार ने विधेयक पारित कराया और इसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

फिलहाल, ‘टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल’ लोकसभा से पारित हो चुका है। अब इसे आगे की संवैधानिक प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा। वहीं, राम मंदिर दान मामले और अन्य राजनीतिक मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव जारी रहने के संकेत हैं।

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