राघव चड्ढा ने MP पद पर आरोपों को किया खारिज, कहा–मैं संसद में असर डालने जाता हूं, हंगामा करने नहीं
Delhi दिल्ली: राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शनिवार को आम आदमी पार्टी (AAP) पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि वह संसद में हंगामा करने नहीं, बल्कि असर डालने जाते हैं। चड्ढा ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप “झूठे” हैं और यह सोचे-समझे राजनीतिक अभियान का हिस्सा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में एक वीडियो बयान में चड्ढा ने यह स्पष्ट किया कि विपक्ष के वॉकआउट में शामिल न होने के आरोप पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने अपने आलोचकों को चुनौती दी कि कोई भी ऐसा मामला बताएं जिसमें वह संसद की कार्यवाही में शामिल न हुए हों। उन्होंने जोर देकर कहा कि संसद की कार्यवाही CCTV कैमरों से रिकॉर्ड होती है और सभी गतिविधियां पारदर्शिता के तहत दर्ज होती हैं। आम आदमी पार्टी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए राघव चड्डा को हटाकर अशोक मित्तल को राजयसभा उपनेता बनाया और आम आदमी के एलोटेट टाइम में बोलने हेतु दिया गया समय भी राघव चड्डा को प्रतिबंध किया गया और बोलने नहीं दिया गया।
साथ ही, चड्ढा ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर से जुड़े प्रस्ताव पर साइन न करने के आरोप को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि किसी भी पार्टी नेता ने उनसे इस प्रस्ताव पर साइन करने के लिए न तो फॉर्मली और न ही इनफॉर्मली कोई अनुरोध किया। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पार्टी के कई अन्य सांसदों ने भी उस प्रस्ताव पर साइन नहीं किया था।
चड्ढा ने संसद में अपने फोकस के क्षेत्रों का जिक्र करते हुए कहा कि वे GST, इनकम टैक्स, दिल्ली में एयर पॉल्यूशन, पंजाब में पानी की स्थिति, पब्लिक हेल्थकेयर, एजुकेशन, रेलवे पैसेंजर की समस्याएं, मेंस्ट्रुअल हेल्थ, बेरोजगारी और महंगाई जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम कर रहे हैं। उनका कहना था कि संसद में उनकी प्राथमिकता सार्वजनिक मुद्दों को उठाना है और हंगामा करना उनका उद्देश्य नहीं।
AAP सांसद ने कहा, “संसद जनता के टैक्सपेयर्स के पैसे से चलती है और इसका जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। मेरा फोकस हमेशा लोगों की समस्याओं का समाधान और कानून निर्माण में असर डालने पर रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी झूठे आरोप का पर्दाफाश होगा और वे इसे नजरअंदाज नहीं करेंगे।
चड्ढा ने यह स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ चल रही आलोचनाएं राजनीतिक फायदे के लिए बनाई गईं हैं और जनता को भ्रमित करने का प्रयास हैं। उन्होंने कहा, “हर सवाल का जवाब दिया जाएगा, लेकिन मेरा मुख्य काम संसदीय कार्यों में योगदान देना और जनहित के मुद्दों को उठाना है।”
विश्लेषकों का कहना है कि चड्ढा का यह बयान सीधे तौर पर विपक्ष और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के आरोपों का जवाब है। उन्होंने संसद में अपनी भूमिका को सार्वजनिक कल्याण और नीति निर्माण तक सीमित रखने की बात की, ताकि उनकी गतिविधियों को राजनीतिक शोर-शराबे से अलग रखा जा सके।
सांसद ने जोर देकर कहा कि उन्हें वॉकआउट और हंगामा जैसी गतिविधियों से जोड़कर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि उनका फोकस संसद में सक्रिय भागीदारी और नीति निर्माण पर है। उन्होंने भरोसा जताया कि जनता और मीडिया के सामने उनकी गतिविधियां पारदर्शी हैं और सभी आरोपों का समय रहते जवाब दिया जाएगा।
इस प्रकार, राघव चड्ढा ने साफ किया कि उनकी प्राथमिकता लोकहित और संसद में प्रभावशाली काम है, न कि राजनीतिक तमाशा, और उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि वह हमेशा सच का पक्ष लेंगे।