NEET विवाद पर सियासी हलचल तेज, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बदला शिक्षा मंत्रालय
नई दिल्ली : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शनिवार शाम राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं के बीच जश्न का माहौल देखने को मिला। लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बीच जैसे ही धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने और शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई, प्रदर्शनकारियों ने इसे अपने संघर्ष की बड़ी सफलता बताया।
जंतर-मंतर पर पिछले 36 दिनों से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले अभिजीत दीपके के नेतृत्व में छात्र और युवा प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगों और आंदोलन को आखिरकार सरकार तक पहुंच मिली है। इस्तीफे की सूचना मिलते ही आंदोलन स्थल पर मौजूद युवाओं में उत्साह देखने को मिला और उन्होंने एक-दूसरे को बधाई देकर अपनी खुशी जाहिर की।
अभिजीत दीपके ने कहा- संघर्ष का मिला परिणाम
आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा, "वे कहते थे कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।" उनके इस बयान के बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों ने नारेबाजी की और इसे छात्रों की एकजुटता की जीत बताया।
उन्होंने कहा कि आंदोलन केवल किसी एक व्यक्ति के पद से हटने तक सीमित नहीं था, बल्कि छात्रों के अधिकार, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और युवाओं की आवाज को मजबूती से उठाने का प्रयास था। उन्होंने समर्थकों से आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को उठाने की अपील की।
36 दिनों से जारी था प्रदर्शन
जंतर-मंतर पर चल रहे इस प्रदर्शन में छात्र और युवा लगातार अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे थे। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार से परीक्षा व्यवस्था में सुधार, कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई और छात्रों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की थी।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लगातार संघर्ष, जनसमर्थन और लोकतांत्रिक दबाव के कारण यह स्थिति बनी। उन्होंने इसे युवाओं की ताकत और शांतिपूर्ण आंदोलन की प्रभावशीलता का उदाहरण बताया।
प्रदर्शन स्थल पर बांटी गई मिठाई
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर के बाद कई प्रदर्शनकारियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी मनाई। मौके पर मौजूद युवाओं ने नारे लगाते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। आंदोलनकारियों ने कहा कि यह केवल शुरुआत है और छात्रों से जुड़े मुद्दों के समाधान तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
हालांकि, प्रशासन की ओर से आंदोलन स्थल की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। इससे पहले भी सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही थीं।
आगे की रणनीति पर होगी चर्चा
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आगे की रणनीति को लेकर जल्द निर्णय लिया जाएगा। उनका उद्देश्य छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग करना है।
जंतर-मंतर पर हुए इस घटनाक्रम के बाद राजधानी की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। जहां आंदोलनकारी इसे अपनी जीत बता रहे हैं, वहीं सरकार की ओर से आगे की कार्रवाई और नीतिगत फैसलों पर सभी की नजर बनी हुई है।