नई दिल्ली। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए उत्तराखंड में भारत-तिब्बत सीमा के पास स्थित माउंट एबी गामिन की दुर्गम चोटी को सफलतापूर्वक फतह किया है। ITBP के 23 जवानों ने 7,355 मीटर यानी करीब 24,131 फीट ऊंची इस चोटी पर पहुंचकर तिरंगा फहराया। जवानों ने 16 सितंबर को कड़ाके की ठंड, ऑक्सीजन की कमी और बेहद कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का सामना करते हुए अपना अभियान पूरा किया।

यह चढ़ाई ITBP के फोर्स लेवल माउंटेनियरिंग एक्सपीडिशन-2026 का हिस्सा थी। अभियान का नेतृत्व डिप्टी कमांडेंट परीक्षित शाह ने किया। अभियान के लिए चुने गए जवानों ने कठिन प्रशिक्षण और तैयारियों के बाद माउंट एबी गामिन की ओर अपना सफर शुरू किया था। सात हजार मीटर से अधिक ऊंचाई पर स्थित इस पर्वत की चढ़ाई को कठिन पर्वतारोहण अभियानों में गिना जाता है।

इस अभियान की औपचारिक शुरुआत 7 अगस्त को हुई थी। ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने नई दिल्ली स्थित बल के मुख्यालय से पर्वतारोहण दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इसके बाद अभियान दल उत्तराखंड पहुंचा और निर्धारित योजना के अनुसार पर्वतारोहण की तैयारियां शुरू कीं।

माउंट एबी गामिन की ऊंचाई 7,355 मीटर है। इतनी अधिक ऊंचाई पर पर्वतारोहियों के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में ऑक्सीजन की कमी और बेहद कम तापमान शामिल होते हैं। अभियान के दौरान ITBP के जवानों को पतली हवा, जमा देने वाली ठंड, ग्लेशियर और अचानक बदलने वाले मौसम का सामना करना पड़ा। ऊंचाई बढ़ने के साथ परिस्थितियां लगातार कठिन होती गईं, लेकिन दल ने अपनी यात्रा जारी रखी।

पर्वतारोहण अभियान में मौसम की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है। तेज हवाएं, बर्फबारी और अत्यधिक ठंड पर्वतारोहियों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। इसके अलावा ग्लेशियरों से गुजरते समय भी विशेष सावधानी की आवश्यकता होती है। अभियान में शामिल जवानों ने इन सभी चुनौतियों के बीच आगे बढ़ते हुए लक्ष्य हासिल किया।

16 सितंबर का दिन अभियान के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ। कठिन चढ़ाई के बाद दल के 23 जवान माउंट एबी गामिन की चोटी पर पहुंचने में सफल रहे। जवानों ने 24,131 फीट की ऊंचाई पर भारतीय तिरंगा फहराकर अभियान की सफलता दर्ज की। इतनी बड़ी संख्या में ITBP जवानों का एक साथ इस ऊंची चोटी तक पहुंचना बल के पर्वतारोहण अभियानों में महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

इस सफलता के पीछे जवानों की शारीरिक क्षमता के साथ लंबी तैयारी और पर्वतीय क्षेत्रों में काम करने का अनुभव भी अहम रहा। ITBP के जवानों को हिमालयी क्षेत्रों में तैनाती के दौरान बेहद कठिन मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। ऊंचाई वाले इलाकों में तैनाती के कारण जवान पर्वतीय परिस्थितियों से परिचित रहते हैं।

माउंट एबी गामिन अभियान में भी दल को अपने अनुभव और प्रशिक्षण का उपयोग करना पड़ा। अत्यधिक ऊंचाई पर ऑक्सीजन का स्तर कम होने के कारण शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसे में आगे बढ़ने की गति, आराम और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना महत्वपूर्ण होता है। अभियान दल ने इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध तरीके से चढ़ाई पूरी की।

विशाल ग्लेशियरों से होकर गुजरना भी अभियान की बड़ी चुनौतियों में शामिल था। बर्फीले इलाकों में रास्ते सामान्य पर्वतीय क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा कठिन और जोखिम भरे होते हैं। इसके बावजूद जवानों ने अनुशासन और टीमवर्क के साथ अभियान जारी रखा और आखिरकार निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचे।

ITBP का हिमालयी क्षेत्रों से पुराना संबंध रहा है। बल के जवान भारत-तिब्बत सीमा के दुर्गम और ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात रहते हैं। इन क्षेत्रों में कई चौकियां ऐसी जगह स्थित हैं जहां मौसम और भौगोलिक परिस्थितियां बेहद चुनौतीपूर्ण होती हैं। ऐसे वातावरण में काम करने के लिए जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।

पर्वतारोहण अभियान इसी प्रशिक्षण, साहस और कठिन परिस्थितियों में काम करने की क्षमता को और मजबूत करने का माध्यम भी हैं। माउंट एबी गामिन अभियान में 23 जवानों की सफलता ने एक बार फिर ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में ITBP के जवानों की क्षमता को प्रदर्शित किया है।

7 अगस्त को नई दिल्ली से शुरू हुआ यह अभियान 16 सितंबर को उस समय महत्वपूर्ण मुकाम पर पहुंचा जब जवानों ने माउंट एबी गामिन की चोटी पर तिरंगा फहराया। 7,355 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचने के दौरान दल ने ऑक्सीजन की कमी, कड़ाके की ठंड, ग्लेशियर और खराब मौसम जैसी कई चुनौतियों का सामना किया। इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद अभियान दल ने लक्ष्य हासिल करते हुए पर्वतारोहण के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की

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