किर्गिस्तान : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को किर्गिस्तान पहुंचे, जहां वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की बैठक सहित कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री की यह यात्रा भारत की क्षेत्रीय साझेदारी और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

किर्गिस्तान पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का एयरपोर्ट पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। कैबिनेट ऑफ मिनिस्टर्स के चेयरमैन कासिमालिएव आदिलबेक अलेशोविच ने प्रधानमंत्री मोदी की अगवानी की।



इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी को स्नो लेपर्ड यानी बर्फीले तेंदुए का एक स्टफ्ड खिलौना भी भेंट किया गया। स्नो लेपर्ड किर्गिस्तान का राष्ट्रीय प्रतीक है और छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स का आधिकारिक प्रतीक भी है।

SCO बैठक में शामिल होंगे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के दौरान शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की बैठक में हिस्सा लेंगे। इस बैठक में संगठन के सदस्य देशों के नेता क्षेत्रीय सहयोग, सुरक्षा, आर्थिक साझेदारी और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

SCO एक महत्वपूर्ण बहुपक्षीय संगठन है, जिसमें भारत सहित कई प्रमुख देश शामिल हैं। भारत लगातार इस मंच के जरिए आतंकवाद, क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों को उठाता रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी का इस बैठक में शामिल होना भारत की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।

SCO प्लस फॉर्मेट बैठक में भी भागीदारी

प्रधानमंत्री मोदी SCO प्लस फॉर्मेट की बैठक में भी शामिल होंगे। इस बैठक में SCO सदस्य देशों के अलावा अन्य साझेदार देशों के प्रतिनिधि भी हिस्सा लेते हैं।

SCO प्लस बैठक का उद्देश्य व्यापक स्तर पर सहयोग बढ़ाना और विभिन्न देशों के बीच संवाद को मजबूत करना है। इसमें वैश्विक चुनौतियों, आर्थिक विकास और आपसी सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा होने की संभावना है।

वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे

प्रधानमंत्री मोदी छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी हिस्सा लेंगे। यह आयोजन किर्गिस्तान की संस्कृति, परंपरा और विरासत को प्रदर्शित करने वाला प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम है।

वर्ल्ड नोमैड गेम्स में पारंपरिक खेलों, सांस्कृतिक गतिविधियों और ऐतिहासिक परंपराओं को बढ़ावा दिया जाता है। इसमें दुनिया के कई देशों के खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं।

इस आयोजन का आधिकारिक प्रतीक स्नो लेपर्ड है, जिसे किर्गिस्तान की प्राकृतिक और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ा जाता है।

स्नो लेपर्ड बना स्वागत का खास प्रतीक

एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी को स्नो लेपर्ड का स्टफ्ड खिलौना भेंट किया जाना विशेष रूप से चर्चा में रहा। स्नो लेपर्ड किर्गिस्तान की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कठिन पहाड़ी इलाकों में पाए जाने वाले इस जीव को ताकत, साहस और प्राकृतिक विरासत का प्रतीक माना जाता है। वर्ल्ड नोमैड गेम्स में भी इसे आधिकारिक प्रतीक के रूप में शामिल किया गया है।

भारत-किर्गिस्तान संबंधों पर भी रहेगा जोर

प्रधानमंत्री मोदी की किर्गिस्तान यात्रा भारत और मध्य एशियाई देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के नजरिए से भी महत्वपूर्ण है।

भारत और किर्गिस्तान के बीच रक्षा, व्यापार, शिक्षा, संस्कृति और विकास के क्षेत्रों में सहयोग रहा है। SCO जैसे मंचों के माध्यम से दोनों देशों के बीच साझेदारी को और विस्तार देने पर जोर दिया जाता है।

प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान क्षेत्रीय सहयोग और आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका

SCO जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत लगातार अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की भागीदारी से भारत की विदेश नीति में बहुपक्षीय सहयोग के महत्व को भी बल मिलता है।

भारत इन मंचों पर आतंकवाद से मुकाबला, आर्थिक विकास, कनेक्टिविटी और स्थिरता जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देता रहा है।

किर्गिस्तान में होने वाले कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी से भारत की सक्रिय कूटनीतिक भागीदारी को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा SCO सहयोग, क्षेत्रीय साझेदारी और सांस्कृतिक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब सभी की नजर SCO बैठक और अन्य कार्यक्रमों में होने वाली चर्चाओं पर रहेगी।

Tags: