विश्व

ईरान में महिला को मौत की सजा जलती दुकान की रिकॉर्डिंग बनी वजह

nidhi
31 Aug 2026 11:21 AM IST
ईरान में महिला को मौत की सजा जलती दुकान की रिकॉर्डिंग बनी वजह
x
महिला को फांसी की सजा

तेहरान: ईरान में एक महिला को प्रदर्शन के दौरान जलती हुई दुकान का वीडियो रिकॉर्ड करने के आरोप में मौत की सजा सुनाए जाने का मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार 43 वर्षीय लीला अबोलहसानी को जनवरी में हुए प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था और अब अदालत ने उन्हें फांसी की सजा सुनाई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लीला अबोलहसानी पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने एक जलती हुई दुकान को रिकॉर्ड किया और आगजनी की घटना में शामिल थीं। हालांकि उनके परिवार का दावा है कि उन्होंने केवल घटना को अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया था और उनका आग लगाने की घटना से कोई संबंध नहीं था। लीला अबोलहसानी पेशे से ब्यूटीशियन हैं और दो बेटियों की मां बताई जा रही हैं। उन्हें जनवरी 2026 में शाहीन शहर में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिया गया था। अदालत ने उन पर "मोहरबेह" यानी "ईश्वर के खिलाफ दुश्मनी" जैसे आरोप लगाए, जिसके तहत ईरान में मौत की सजा का प्रावधान है।
परिवार ने फैसले पर उठाए सवाल
लीला के परिवार का कहना है कि वह सिर्फ प्रदर्शन के दौरान हो रही घटना को रिकॉर्ड कर रही थीं। परिवार ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के समर्थन में पर्याप्त सार्वजनिक सबूत सामने नहीं रखे गए हैं। वहीं मानवाधिकार संगठनों ने भी इस मामले को लेकर चिंता जताई है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि ईरान में प्रदर्शन से जुड़े मामलों में कठोर सजा देने की प्रवृत्ति बढ़ी है। उनका आरोप है कि कई मामलों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और निष्पक्ष सुनवाई को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
ईरान में प्रदर्शन और कार्रवाई
ईरान में पिछले कुछ समय से सरकार विरोधी प्रदर्शनों को लेकर तनाव बना हुआ है। इन प्रदर्शनों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं। अधिकारियों का कहना है कि हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है, जबकि आलोचक शांतिपूर्ण प्रदर्शन और नागरिक अधिकारों को लेकर चिंता जता रहे हैं।
फैसले पर अंतरराष्ट्रीय नजर
लीला अबोलहसानी की मौत की सजा का मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। मानवाधिकार संगठनों ने ईरानी न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता और अपील प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार मामला आगे समीक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में जा सकता है। फिलहाल यह मामला ईरान में प्रदर्शन, अभिव्यक्ति की आजादी और सख्त कानूनी कार्रवाई को लेकर चल रही बहस को और तेज कर रहा है। अब सभी की नजर आगे की न्यायिक प्रक्रिया और संभावित अपील पर है।
Next Story