भोजशाला परिसर से सटी दरगाह के पास शुक्रवार की नमाज की अनुमति

Update: 2026-07-30 11:07 GMT

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित विवादित भोजशाला परिसर से सटी दरगाह के पास मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार की नमाज अदा करने की अनुमति दे दी। शीर्ष अदालत ने इस मामले में सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश सरकार को नमाज के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने मुस्लिम समुदाय की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई की। इस पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति जे.वी. मोहना भी शामिल थे।

याचिका में मुस्लिम पक्ष ने शुक्रवार की नमाज के लिए किसी उपयुक्त वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि फिलहाल दरगाह के पास नमाज अदा करने की व्यवस्था की जा सकती है।

राज्य सरकार को व्यवस्था करने के निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि शुक्रवार की नमाज के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएं। अदालत ने कहा कि नमाज के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और श्रद्धालुओं व आम लोगों की सुविधा का ध्यान रखना प्रशासन की जिम्मेदारी होगी।

पीठ ने यह भी कहा कि राज्य सरकार और मुस्लिम समुदाय आपसी सहमति से भविष्य में नमाज के लिए कोई अन्य उपयुक्त स्थान तय कर सकते हैं।

मुस्लिम पक्ष ने मांगी थी वैकल्पिक जगह

मामले की सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की ओर से दलील दी गई कि नमाज अदा करने के लिए एक उपयुक्त और सुरक्षित स्थान की जरूरत है। इसके लिए अदालत से हस्तक्षेप की मांग की गई थी।

याचिकाकर्ताओं का कहना था कि धार्मिक गतिविधियों के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि किसी तरह का विवाद या असुविधा उत्पन्न न हो।

भोजशाला परिसर को लेकर लंबे समय से विवाद

धार स्थित भोजशाला परिसर लंबे समय से विवाद का केंद्र रहा है। यह स्थान हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों की धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है। हिंदू पक्ष इसे वाग्देवी मंदिर से संबंधित मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद से जुड़ा स्थल बताता है।

इस परिसर को लेकर समय-समय पर दोनों समुदायों के बीच विवाद सामने आते रहे हैं। इसी कारण यहां धार्मिक गतिविधियों को लेकर प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतनी पड़ती है।

प्रशासन की भूमिका अहम

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब मध्य प्रदेश प्रशासन के सामने नमाज के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी।

अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।

आपसी सहमति से समाधान पर जोर

सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्देश में आपसी सहमति से समाधान तलाशने की बात भी कही। अदालत ने संकेत दिया कि विवादों को बातचीत और सहमति के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया जाना चाहिए।

पीठ ने कहा कि यदि राज्य सरकार और मुस्लिम समुदाय किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर सहमत होते हैं तो उस विकल्प पर भी विचार किया जा सकता है।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती

भोजशाला जैसे संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती कानून-व्यवस्था बनाए रखना होती है। किसी भी धार्मिक आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और दोनों समुदायों की भावनाओं का संतुलन बनाए रखना जरूरी होता है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद प्रशासन अब नमाज के लिए आवश्यक तैयारियों में जुटेगा।

आगे की सुनवाई पर नजर

इस मामले में आगे की कार्यवाही और अदालत के विस्तृत आदेश पर सभी की नजर रहेगी। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार की नमाज के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए तत्काल राहत प्रदान की है।

अदालत के इस फैसले के बाद धार के भोजशाला परिसर से जुड़े मामले में एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। अब प्रशासन और संबंधित पक्षों के अगले कदम महत्वपूर्ण होंगे।

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