नई दिल्ली। ग्रामीण रोजगार के क्षेत्र में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) की जगह लागू किए गए नए कानून विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G Act, 2025 को लेकर केंद्र सरकार ने लोकसभा में महत्वपूर्ण जानकारी दी है। सरकार के मुताबिक, नए कानून के लागू होने के शुरुआती दौर में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ी है और बड़ी संख्या में पर्सन-डेज़ दर्ज किए गए हैं।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिखित जवाब में बताया कि VB-G RAM G Act, 2025 देशभर में 1 जुलाई 2026 से लागू किया गया। केंद्र सरकार ने इससे पहले राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ तैयारियां पूरी करने का दावा किया था, ताकि MGNREGA से नए कानून की ओर संक्रमण के दौरान ग्रामीण मजदूरों को रोजगार मिलने में किसी तरह की बाधा न आए।

1 जुलाई से देशभर में लागू हुआ नया कानून

VB-G RAM G Act को ग्रामीण रोजगार गारंटी व्यवस्था में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। केंद्र सरकार के अनुसार, नए कानून के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की गारंटी दी गई है। यह MGNREGA के तहत उपलब्ध 100 दिनों की रोजगार गारंटी से अधिक है। सरकार का कहना है कि नए कानून का उद्देश्य रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ टिकाऊ ग्रामीण परिसंपत्तियों का निर्माण और गांवों के समग्र विकास को गति देना है।

सरकार ने 1 जुलाई से पूरे देश में योजना को लागू करने से पहले राज्यों को आवश्यक वित्तीय और प्रशासनिक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए थे। केंद्र ने यह भी कहा था कि नए सिस्टम में रोजगार मांगने वाले पात्र ग्रामीण परिवारों को काम उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में व्यवधान नहीं होना चाहिए।

रोजगार के साथ ग्रामीण विकास पर जोर

नए कानून में सिर्फ मजदूरी रोजगार उपलब्ध कराने के बजाय गांवों में ऐसी परिसंपत्तियां तैयार करने पर जोर दिया गया है, जिनका लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सके। सरकार के अनुसार, ग्राम सभाओं और ग्राम पंचायतों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों का चयन करने में महत्वपूर्ण भूमिका दी जा रही है।

इसका उद्देश्य ग्रामीण रोजगार को गांवों के बुनियादी ढांचे और स्थानीय विकास से जोड़ना है। केंद्र सरकार ने योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया है।

सरकार के अनुसार, फेस ऑथेंटिकेशन, जियो-टैगिंग और अन्य तकनीकी उपायों को लागू किया जा रहा है, ताकि फर्जीवाड़े और अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।

राज्यों को जारी किए गए हजारों करोड़ रुपये

नई व्यवस्था के सुचारु संचालन के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों को शुरुआती किस्त के तौर पर 25,863 करोड़ रुपये जारी किए हैं। ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुताबिक, यह राशि राज्यों से प्राप्त मांग के आधार पर जारी की गई। केंद्र ने राज्यों से कहा है कि वे अपनी हिस्सेदारी समय पर जारी करें, ताकि पात्र मजदूरों को मजदूरी भुगतान में देरी न हो।

केंद्र सरकार ने इससे पहले नए कानून के राष्ट्रव्यापी क्रियान्वयन के लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अंतरिम तौर पर 95,692.31 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। सरकार का कहना था कि इससे योजना के लागू होने के शुरुआती चरण में वित्तीय संसाधनों की कमी नहीं होगी।

MGNREGA से VB-G RAM G तक बदलाव

VB-G RAM G लागू होने के साथ ग्रामीण रोजगार की पुरानी व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 1 जुलाई से पहले तक लंबित और चल रहे कार्य MGNREGA के प्रावधानों के तहत पूरे किए जाने थे। इसके बाद नए कानून के तहत ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि MGNREGA का मूल कानून 2005 का है, जबकि नया VB-G RAM G Act 2025 में पारित कानून है। इसलिए इसे समाचार में “MGNREGA, 2025” कहना सही नहीं होगा। आधिकारिक सरकारी दस्तावेज भी नए कानून को VB-G RAM G Act, 2025 और पुराने कानून को Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act के रूप में संदर्भित करते हैं।

रोजगार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी

नए कानून के तहत ग्रामीण परिवारों को रोजगार की गारंटी देने के साथ समय पर मजदूरी भुगतान पर भी जोर दिया गया है। केंद्र सरकार ने कहा है कि मजदूरों को भुगतान में देरी न हो, यह केंद्र और राज्य दोनों सरकारों की साझा जिम्मेदारी है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने यह भी कहा है कि योजना की निगरानी के लिए अधिकारियों की तैनाती की गई है। ये अधिकारी राज्यों के साथ समन्वय करेंगे और योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याओं के समाधान में मदद करेंगे।

ग्रामीण मजदूरों के लिए क्या बदलेगा?

नए कानून के सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन करना शामिल है। इसका सीधा असर उन ग्रामीण परिवारों पर पड़ सकता है, जिनकी आय का एक बड़ा हिस्सा मजदूरी पर निर्भर करता है।

सरकार का दावा है कि नए कानून से रोजगार के साथ गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा। जल संरक्षण, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और स्थानीय विकास से जुड़े कार्यों के जरिए रोजगार और विकास को एक साथ आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

कुल मिलाकर, VB-G RAM G Act के लागू होने के साथ केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में एक नए चरण की शुरुआत की है। सरकार इसे रोजगार सुरक्षा बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और गांवों में टिकाऊ विकास कार्यों को गति देने वाली व्यवस्था के रूप में पेश कर रही है। अब योजना की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि राज्यों में रोजगार की मांग के अनुरूप काम कितनी तेजी से मिलता है, मजदूरी का भुगतान कितना समय पर होता है और नए कानून के तहत बनने वाली ग्रामीण परिसंपत्तियों का लाभ लोगों को कितना मिलता है।

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