Noida : छात्र बना रहे अल्ट्रासोनिक रडार, ध्वनि तरंगों से होगी निगरानी

Update: 2025-06-28 16:23 GMT
Noida नोएडा : नोएडा के छात्र अब रक्षा क्षेत्र में भारत को मजबूत बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग कर उपकरण तैयार कर रहे हैं। वह अल्ट्रासोनिक रडार सिस्टम को और अत्याधुनिक बनाने पर कार्य कर रहे हैं।
छात्रों ने बताया कि उन्हें हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर में सबसे अधिक चर्चा में आए एस-400 से प्रेरित होकर इस पर कार्य शुरू किया। शहर के सेक्टर 62 स्थित जेएसएस कॉलेज के छात्र अनुराग दुबे, पायल, अथर्व गुप्ता, कुशाग्र गौतम, हिया भट्ट और दिव्यम बंसल इस कार्य में शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि उन्होंने अल्ट्रासोनिक रडार सिस्टम तैयार किया है। यह अभी एक प्रोटोटाइप है, जिसमें उन्होंने आर्ड्यूनों, एचसी एसआर-4, समेत अल्ट्रासोनिक सेंसर और हाई कैपिसिटी मोटर लगाई है। इसके साथ ही सॉफ्टवेयर टूल्स में आर्ड्यूनों आईडीई, अल्ट्रासोनिक प्रोसेसर समेत अन्य टूल्स का उपयोग किया गया है।
उपयोग किए गए अल्ट्रासोनिक सेंसर के चलते रडार अपने आस पास के लगभग दो किलोमीटर तक आकाश में चल रही गतिविधियों को डिटेक्ट कर सकते हैं। छात्रों का कहना है कि पारंपरिक तौर पर रेडियो तरंगों का उपयोग किया जाता है, लेकिन उन्होंने रेडियो तरंगो के बजाय ध्वनि तरंगो का प्रयोग किया। उनका कहना है ध्वनि तरंग प्रवाहित करने वाले सेंसर इस प्रोजेक्ट को ज्यादा सरल बनाते हैं। इसमें लगाई गई सर्वो मोटर 180 डिग्री तक ऊपर की ओर घूमती है। तरंग प्रसार बुनियादी भौतिकी का उपयोग कर वस्तु की दूरी की गणना भी कर सकते हैं।
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