सरिता विहार में सड़क किनारे मिला सात दिन का नवजात, PCR कर्मियों ने AIIMS पहुंचाया
Delhiदिल्ली। दक्षिण दिल्ली के सरिता विहार इलाके में एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। आली मोड़ के पास सड़क किनारे करीब सात दिन का एक नवजात शिशु रोता हुआ मिला। बच्चे के मिलने की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) के कर्मचारियों ने बिना देर किए नवजात को उपचार के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचाया। पुलिस अब इस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर नवजात को सड़क किनारे किसने छोड़ा और इसके पीछे क्या वजह रही। पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि CCTV फुटेज से बच्चे को वहां छोड़ने वाले व्यक्ति के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
सड़क किनारे रोता मिला बच्चा
पुलिस के अनुसार, नवजात शिशु आली मोड़ के पास सड़क किनारे मिला। उस समय बच्चा रो रहा था। आसपास मौजूद लोगों का ध्यान जब उसकी ओर गया तो मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची। PCR कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर बच्चे को अपने संरक्षण में लिया।
नवजात की उम्र करीब सात दिन बताई जा रही है। इतनी कम उम्र के बच्चे का इस तरह अकेले सड़क किनारे मिलना पुलिस के लिए भी गंभीर मामला है। बच्चे को तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए AIIMS के इमरजेंसी वार्ड ले जाया गया। पुलिस फिलहाल बच्चे की स्वास्थ्य स्थिति और अस्पताल में उसे दी जा रही चिकित्सा देखभाल के संबंध में आवश्यक जानकारी जुटा रही है। नवजात की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आगे की कानूनी और जांच संबंधी प्रक्रिया शुरू की गई है।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
घटना की जांच के दौरान पुलिस आली मोड़ और आसपास के क्षेत्रों में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है। जांचकर्ताओं का उद्देश्य यह पता लगाना है कि बच्चे को वहां कब लाया गया और उसे किस व्यक्ति ने सड़क किनारे छोड़ा। पुलिस आसपास के प्रमुख मार्गों, गलियों और उन स्थानों के CCTV फुटेज की भी जांच कर सकती है, जहां से कोई व्यक्ति नवजात को लेकर घटनास्थल तक पहुंचा हो। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बच्चे को पैदल लाया गया था या किसी वाहन से घटनास्थल तक पहुंचाया गया। CCTV फुटेज में यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति, वाहन या गतिविधि सामने आती है तो उसके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। पुलिस का मानना है कि घटनास्थल के आसपास मौजूद कैमरों की रिकॉर्डिंग इस मामले में अहम सुराग दे सकती है।
आसपास के इलाकों में पूछताछ
CCTV जांच के साथ-साथ पुलिस स्थानीय लोगों से भी पूछताछ कर रही है। अधिकारियों की कोशिश है कि नवजात की पहचान और उसके परिवार के बारे में कोई जानकारी हासिल की जा सके। पुलिस आसपास रहने वाले लोगों, दुकानदारों और अन्य संभावित प्रत्यक्षदर्शियों से घटना के बारे में जानकारी जुटा रही है। उनसे यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या उन्होंने पिछले कुछ घंटों या दिनों में किसी संदिग्ध व्यक्ति को नवजात के साथ देखा था। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इलाके में किसी परिवार के नवजात बच्चे के लापता होने या बच्चे से संबंधित किसी अन्य शिकायत की सूचना मिली है। ऐसी किसी जानकारी के मिलने पर जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
बच्चे को अस्पताल पहुंचाना प्राथमिकता
नवजात के मिलने के बाद पुलिसकर्मियों ने मामले में सबसे पहले उसकी सुरक्षा और चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की। PCR कर्मचारियों ने बच्चे को AIIMS के इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया, जहां उसकी चिकित्सकीय जांच की जा रही है। सात दिन के नवजात के लिए समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना बेहद जरूरी था। पुलिस ने बच्चे को अस्पताल पहुंचाकर तत्काल चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की। अब जांच एजेंसियों के सामने बच्चे की पहचान और उसे सड़क किनारे छोड़ने वाले व्यक्ति तक पहुंचने की चुनौती है।
कई पहलुओं से जांच
पुलिस इस मामले की जांच कई पहलुओं से कर रही है। सबसे पहले यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बच्चे को घटनास्थल पर कब छोड़ा गया। इसके बाद पुलिस यह जानना चाहती है कि बच्चे को वहां छोड़ने वाला व्यक्ति कौन था और उसने ऐसा क्यों किया। जांच में आसपास के CCTV कैमरों के अलावा स्थानीय लोगों से मिली जानकारी को भी शामिल किया जा रहा है। पुलिस नवजात की पहचान का पता लगाने के लिए आसपास के इलाकों में भी पूछताछ कर रही है।
यदि CCTV फुटेज से किसी व्यक्ति की पहचान होती है तो पुलिस उसके बारे में जानकारी जुटाकर आगे की कार्रवाई कर सकती है। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि बच्चे और उस व्यक्ति के बीच क्या संबंध था।
नवजात की पहचान का इंतजार
फिलहाल नवजात की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस का प्रयास है कि जल्द से जल्द उसके माता-पिता या परिवार के बारे में जानकारी हासिल की जाए। इसके लिए आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ के साथ-साथ उपलब्ध अन्य सूचनाओं की भी जांच की जा रही है। सड़क किनारे सात दिन के बच्चे के मिलने की घटना ने इलाके में भी चिंता पैदा कर दी है। पुलिस ने जांच तेज कर दी है और CCTV फुटेज के जरिए घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता नवजात की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के साथ-साथ उस व्यक्ति की पहचान करना है, जिसने बच्चे को आली मोड़ के पास सड़क किनारे छोड़ा। जांच आगे बढ़ने के साथ ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चे को वहां कब, कैसे और किन परिस्थितियों में छोड़ा गया था।