नई दिल्ली: सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, डायरेक्टरेट ऑफ़ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने पूरे देश में फैले सोने की तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफ़ाश किया है। यह गिरोह तस्करी के सोने को देश भर में पहुँचाने के लिए कूरियर नेटवर्क का इस्तेमाल करता था। DRI ने लगभग 10.36 करोड़ रुपये मूल्य का 6.61 किलोग्राम विदेशी सोना ज़ब्त किया और गिरोह के कथित मास्टरमाइंड में से एक सहित 11 लोगों को गिरफ़्तार किया।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह ऑपरेशन खास खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया था। इसका मकसद उस नेटवर्क को पकड़ना था जो पश्चिम बंगाल और असम में भारत-बांग्लादेश सीमा के ज़रिए सोना तस्करी करता था और फिर कूरियर के ज़रिए उसे बड़े बाज़ारों में पहुँचाता था।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, अहमदाबाद और गुवाहाटी में एक साथ तलाशी और धरपकड़ की कार्रवाई की गई।
ऑपरेशन के दौरान, DRI अधिकारियों ने तस्करी का सोना ले जा रहे कूरियर पार्सल को पकड़ा। ये पार्सल गुवाहाटी और कोलकाता से मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद में डिलीवरी के लिए बुक किए गए थे।
सात लोगों को सोना लेते हुए पकड़ा गया, जबकि कोलकाता में भेजने वालों (कंसाइनर) के ठिकानों पर तलाशी के दौरान तीन और लोगों को गिरफ़्तार किया गया।
इसके अलावा, बाद में मुंबई में चलाए गए एक ऑपरेशन में नेटवर्क के मुख्य कोऑर्डिनेटर्स में से एक को गिरफ़्तार किया गया।
जांचकर्ताओं ने पाया कि गिरोह ने तस्करी के सोने को कई छोटे-छोटे पार्सल में बांटने और उन्हें कूरियर के ज़रिए अलग-अलग शहरों में रिसीवर्स (पाने वालों) तक भेजने की रणनीति अपनाई थी, ताकि घरेलू बाज़ार में उसे बेचा जा सके।
जांच से यह भी पता चला कि सामान भेजने वाले और पाने वाले दोनों ही कागज़ी कंपनियों या निजी व्यक्तियों के तौर पर काम कर रहे थे और सोने का कोई कानूनी व्यापार नहीं कर रहे थे। इससे पता चलता है कि कूरियर सेवाओं के ज़रिए तस्करी किए गए सोने के स्रोत और उसके बहाव को छिपाने की जान-बूझकर कोशिश की गई थी।
DRI ने कस्टम्स एक्ट, 1962 के प्रावधानों के तहत कुल 6.61 किलोग्राम विदेशी सोने की छड़ें (गोल्ड बार) बरामद और ज़ब्त कीं, जिनकी कीमत लगभग 10.36 करोड़ रुपये है।
मंत्रालय ने बताया कि एक अहम जानकारी यह भी सामने आई है कि दस्तावेज़ी सबूतों की शुरुआती जांच से पता चलता है कि इसी कूरियर-आधारित नेटवर्क के ज़रिए गिरोह ने चालू कैलेंडर वर्ष के पहले नौ महीनों में लगभग 475 करोड़ रुपये मूल्य का करीब 318 किलोग्राम तस्करी का सोना पहुँचाया था। इसमें आगे कहा गया है कि नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने और तस्करी किए गए सोने से जुड़ी कमाई और वितरण के रास्तों का पता लगाने के लिए और जांच की जा रही है।
Tags: