नई दिल्ली: मानसून एक बार फिर एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों पर मेहरबान हो गया है। बुधवार रात से शुरू हुई बारिश गुरुवार को भी लगातार जारी रही। पिछले दो दिनों में क्षेत्र में करीब 65 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, नमी से भरे बादलों का एक बड़ा समूह एनसीआर के ऊपर सक्रिय है, जिसके चलते आने वाले घंटों में कई इलाकों में तेज बारिश की संभावना बनी हुई है।

लगातार हो रही बारिश से जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है, वहीं प्रशासन ने जलभराव और अन्य समस्याओं को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने एनसीआर समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसमें मेरठ, सहारनपुर, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मथुरा, लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून की सक्रियता और वातावरण में मौजूद पर्याप्त नमी के कारण बारिश का यह दौर बना हुआ है। अगले कुछ समय तक बादलों की आवाजाही जारी रहने और कई क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

एनसीआर के कई इलाकों में लगातार बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम सुहावना होने से लोगों को गर्मी और चिपचिपी उमस से राहत मिली है। हालांकि, लंबे समय तक बारिश जारी रहने पर निचले इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आ सकती है।

दिल्ली-एनसीआर में बारिश के बाद यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ने की संभावना रहती है। कई प्रमुख सड़कों और अंडरपास में पानी भरने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को जल निकासी व्यवस्था पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि मौसम की स्थिति सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर सकती है और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान कम समय में अधिक बारिश होने की स्थिति में शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या बढ़ जाती है। एनसीआर जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में तेज बारिश के दौरान नालों और जल निकासी प्रणालियों पर दबाव बढ़ जाता है।

प्रशासन ने नगर निकायों और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को तैयार रहने को कहा है। जलभराव वाले संभावित क्षेत्रों की निगरानी, पंपों की व्यवस्था और आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। मेरठ, सहारनपुर, बिजनौर और मुजफ्फरनगर जैसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है।

कृषि क्षेत्र के लिए यह बारिश कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मानसून की अच्छी बारिश से धान और अन्य खरीफ फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, अत्यधिक बारिश होने पर खेतों में पानी भरने से कुछ क्षेत्रों में फसलों को नुकसान भी हो सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की गतिविधियों में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया है। वर्तमान में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी है। लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

बारिश के कारण तापमान में गिरावट से लोगों को राहत मिली है, लेकिन लगातार बारिश के चलते बिजली आपूर्ति, यातायात और दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ने की संभावना भी बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।

फिलहाल एनसीआर में मानसून पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। मौसम विभाग के अलर्ट के बाद संबंधित विभाग तैयारियों में जुट गए हैं। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।

कुल मिलाकर, मानसून की वापसी से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट संकेत दे रहा है कि आने वाले समय में मौसम की गतिविधियां तेज रह सकती हैं।

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