Delhi दिल्ली। देश में युवाओं की भागीदारी को सशक्त बनाने और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने ‘मॉडल यूथ ग्राम सभा’ (Model Youth Gram Sabha) पहल की शुरुआत की है। इस पहल का औपचारिक शुभारंभ केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने किया। उन्होंने कहा कि इस योजना का मूल उद्देश्य शिक्षा, विकास और नैतिक मूल्यों को इस प्रकार बढ़ावा देना है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक खुशहाली और आत्मनिर्भरता पहुंचे। बघेल ने कहा कि भारत के विकास मॉडल का असली अर्थ तभी पूरा होगा जब “श्रृंखला के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान” आए। उन्होंने कहा कि सरकार की यह पहल युवाओं में नागरिक जिम्मेदारी, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक सहभागिता को मजबूत करेगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “शिक्षा और विकास का लक्ष्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं होना चाहिए, बल्कि यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सबसे वंचित व्यक्ति के जीवन में भी रोशनी पहुंचे। यदि हम अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने में सफल होते हैं, तभी हम सच्चे अर्थों में राष्ट्र निर्माण कर पाएंगे। ‘मॉडल यूथ ग्राम सभा’ पहल के तहत देशभर के चुनिंदा गांवों में युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में शामिल किया जाएगा, जहां वे स्थानीय विकास योजनाओं, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुधार से जुड़ी चर्चाओं में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इस कार्यक्रम का लक्ष्य युवाओं को ‘ग्राम स्तर पर नीति निर्माण की दिशा में नेतृत्व’ प्रदान करना है।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि इस योजना का प्रारंभिक चरण पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कुछ राज्यों में लागू किया जाएगा। इसके बाद इसे राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार दिया जाएगा। बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार ऐसे कार्यक्रम शुरू कर रही है जो युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण के काम में लगाए। उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं को “युवा-सशक्त प्लेटफॉर्म” बनाना भारत को ‘विकसित राष्ट्र’ की दिशा में आगे बढ़ाने की मजबूत कड़ी साबित होगा। केंद्रीय मंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे न केवल रोजगार के अवसरों की तलाश करें, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि “भारत के गांव ही उसकी आत्मा हैं, और यदि वहां के युवा जागरूक और संगठित होंगे, तो पूरा राष्ट्र सशक्त होगा। सरकार का मानना है कि यह पहल ग्रामीण भारत में युवा नेतृत्व और सहभागिता का नया मॉडल प्रस्तुत करेगी, जिससे न केवल सामाजिक विकास होगा, बल्कि युवाओं को अपने गांव और समुदाय की दिशा तय करने का अवसर भी मिलेगा।