NCAP फंड का सीमित उपयोग, दिल्ली प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल

Update: 2025-06-18 11:30 GMT
Delhi दिल्ली : भारत सरकार की ओर से राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत देश में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए योजना चला रखी है। जिसकी आंकड़ा जारी किया गया है।
सरकारी डेटा में दिल्ली को लेकर खुलासा हुआ है कि एनसीएपी के तहत प्राप्त धनराशि का सिर्फ एक तिहाई ही खर्च किया गया। साल 2019 में शुरू की गई एनसीएपी योजना भारत की पहली राष्ट्रीय योजना है। इसका लक्ष्य 2019-20 को आधार वर्ष मानकर 2026 तक 130 अत्यधिक प्रदूषित शहरों में पीएम10 प्रदूषण को 40 प्रतिशत तक कम करना है। पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों से पता चला है कि दिल्ली ने सिर्फ 13.94 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जो एनसीएपी के तहत जारी किए गए।
कुल 14 शहरों और शहरी समूहों ने कार्यक्रम के तहत मिले फंड का 50 फीसदी से भी कम खर्च किया है। उत्तर प्रदेश के नोएडा ने वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए उसे दिए गए 30.89 करोड़ रुपये में से केवल 3.44 करोड़ रुपये ही खर्च किए हैं। जो दिल्ली में प्रदूषण का एक और बड़ा केंद्र है। जबकि हरियाणा के फरीदाबाद ने उसे मिले 107.14 करोड़ रुपये में से 28.60 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। 15वें वित्त आयोग के तहत दिए गए फंड का 48 शहरों ने 7,713 करोड़ रुपये का इस्तेमाल किया, जो आवंटित 11,020 करोड़ रुपये का 70 प्रतिशत था।
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