Delhi दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रभावित छात्रों को अब बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करना होगा, क्योंकि सरकार केवल आंदोलन की भाषा समझती है।

यह बयान ऐसे समय आया है जब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के चलते रद्द कर दिया है। साथ ही सरकार ने मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है, ताकि परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं की गहन जांच की जा सके।

अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि पेपर लीक के मामलों में राजनीतिक संरक्षण मिलता रहा है। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में NEET परीक्षा का प्रश्नपत्र चार बार लीक हुआ, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी को सख्त सजा नहीं मिली है।

उन्होंने कहा कि यह स्थिति देश की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है और इससे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है। केजरीवाल ने कहा कि NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए, लेकिन बार-बार पेपर लीक होना व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उन सभी छात्रों के प्रति सहानुभूति है जिनकी मेहनत इस फैसले से प्रभावित हुई है। केजरीवाल ने कहा कि छात्र इस परीक्षा की तैयारी के लिए वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं। कई परिवार कोचिंग फीस और तैयारी के खर्च के लिए अपनी बचत और यहां तक कि गहने तक गिरवी रखने को मजबूर होते हैं।

AAP नेता ने कहा कि इस तरह की घटनाएं छात्रों के मानसिक तनाव को बढ़ाती हैं और उनके भविष्य पर असर डालती हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि दोषियों की जल्द पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

कुल मिलाकर, NEET-UG 2026 के रद्द होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है।

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