नई दिल्ली : बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने जेन जी (Gen Z) को लेकर अपने पहले दिए गए विवादित बयान से बिल्कुल अलग रुख अपनाते हुए अब इस पीढ़ी को देश की सबसे बड़ी ताकत और धरोहर बताया है। कुछ समय पहले युवाओं को "गटर जनरेशन" कहने को लेकर आलोचनाओं का सामना करने वाली कंगना ने अब कहा है कि देश के युवा भारत की संस्कृति, पहचान और भविष्य को आगे बढ़ाने वाले सबसे महत्वपूर्ण प्रतिनिधि हैं। उनका यह बदला हुआ बयान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत की जेन जी पर की गई सकारात्मक टिप्पणी के बाद सामने आया है।
गुरुवार को संसद परिसर के बाहर पत्रकारों ने कंगना रनौत से मोहन भागवत के जेन जी संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया मांगी। इस दौरान कंगना ने कहा कि जेन जी देश की शक्ति है और यही पीढ़ी आने वाले भारत का भविष्य तय करेगी। उन्होंने कहा कि युवा भारत की सबसे बड़ी संपत्ति हैं और उन्हें देखकर खुशी होती है कि वे तेजी से भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रतिनिधि बन रहे हैं। कंगना ने यह भी कहा कि मोहन भागवत के अनुभवों से युवाओं को सीखने का अवसर मिलता है और समाज को नई पीढ़ी पर भरोसा करना चाहिए।
कंगना का यह बयान इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कुछ समय पहले उन्होंने एक विवादित टिप्पणी में जेन जी को "गटर जनरेशन" कहा था। उस बयान में उन्होंने कुछ युवाओं पर आक्रामक व्यवहार, अनुशासन की कमी और व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं निभाने जैसे आरोप लगाए थे। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। कई लोगों ने इसे पूरी युवा पीढ़ी का अपमान बताया था, जबकि कंगना ने बाद में सफाई देते हुए कहा था कि उनका निशाना पूरी पीढ़ी नहीं बल्कि कुछ ऐसे लोग थे जो प्रधानमंत्री और देश के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे।
विवाद बढ़ने के बाद कंगना ने सोशल मीडिया पर कई युवा भारतीयों की तस्वीरें साझा करते हुए कहा था कि यही असली जेन जी है, जो देश का नाम रोशन कर रही है। उन्होंने वैज्ञानिकों, खिलाड़ियों, उद्यमियों और विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल करने वाले युवाओं का उदाहरण देते हुए कहा था कि देश के अधिकांश युवा मेहनती, जिम्मेदार और राष्ट्र के प्रति समर्पित हैं। हालांकि उस समय भी उनका बयान पूरी तरह विवाद शांत नहीं कर पाया था।
अब एक बार फिर जेन जी पर चर्चा तब तेज हुई जब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान युवाओं को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना गलत नहीं है और यदि जेन जी अपनी बात रख रही है तो उन्हें राष्ट्रविरोधी नहीं कहा जा सकता। भागवत ने कहा कि नई पीढ़ी सवाल पूछती है और यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि युवाओं की बातें समय पर सुनी जातीं तो कई आंदोलन शायद खड़े ही नहीं होते।
मोहन भागवत ने जेन जी और जेन-अल्फा को पुरानी पीढ़ी से अलग बताते हुए कहा कि आज के युवा पहले की तुलना में अधिक जागरूक, ईमानदार और देशभक्त हैं। उन्होंने कहा कि पहले लोग बिना सवाल किए निर्णय स्वीकार कर लेते थे, लेकिन आज की पीढ़ी हर विषय पर तर्क और संवाद चाहती है। यही बदलाव भारत के लोकतंत्र को मजबूत बनाता है।
भागवत के इसी बयान के बाद कंगना रनौत ने भी अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि कुछ लोगों के व्यवहार के आधार पर पूरी पीढ़ी का मूल्यांकन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों युवा अपनी मेहनत, प्रतिभा और उपलब्धियों के दम पर भारत की पहचान दुनिया में मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से देश, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने की अपील भी की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कंगना रनौत का नया बयान उनके पहले दिए गए विवादित वक्तव्य से अलग संदेश देता है। वहीं विपक्ष इस बदलाव को राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देख रहा है, जबकि भाजपा समर्थक इसे युवाओं के प्रति सकारात्मक सोच का संकेत बता रहे हैं। फिलहाल कंगना का यह यू-टर्न राजनीतिक और सोशल मीडिया दोनों जगह चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां उनके पुराने और नए बयानों की तुलना की जा रही है।
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