अनिश्चित वैश्विक माहौल में भी भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी फल-फूल रही है: President Murmu
New Delhi, नई दिल्ली : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को कहा कि सिंगापुर भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी, महासागर विजन और इंडो-पैसिफिक विजन में एक प्रमुख साझेदार है और दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, संस्कृति, शिक्षा और लोगों से लोगों के आदान-प्रदान के क्षेत्रों में मजबूत साझेदारी है। राष्ट्रपति ने यह टिप्पणी सिंगापुर के उप प्रधानमंत्री तथा व्यापार एवं उद्योग मंत्री गान किम योंग के नेतृत्व में सिंगापुर के मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान की।
भारत-सिंगापुर मंत्रिस्तरीय गोलमेज ( आईएसएमआर ) की तीसरी बैठक के लिए दिल्ली आए प्रतिनिधिमंडल ने आज राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मुलाकात की।राष्ट्रपति भवन में प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि अनिश्चित वैश्विक माहौल में भी भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी फल-फूल रही है।
उन्होंने इस वर्ष की शुरुआत में हमारे द्विपक्षीय संबंधों की स्थापना की 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रपति थर्मन षणमुगरत्नम की राजकीय यात्रा को याद किया। उन्होंने कहा कि आईएसएमआर सहित उच्चतम स्तरों पर इस तरह की नियमित बातचीत हमारे बहुआयामी संबंधों को निरंतर गति प्रदान करेगी।राष्ट्रपति ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए जघन्य हमले के बाद आतंकवाद के खिलाफ सिंगापुर के मजबूत रुख की सराहना की।उन्होंने कहा कि यह संतोष की बात है कि साझेदारी अब कौशल विकास, हरित अर्थव्यवस्था और फिनटेक जैसे सहयोग के उभरते क्षेत्रों में भी विस्तारित हो रही है।
इससे पहले, दिन में, राजधानी में आईएसएमआर का तीसरा दौर आयोजित हुआ, जिसमें दोनों देशों के नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक और प्रगाढ़ बनाने के अवसरों की पहचान की। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सिंगापुर के मंत्रियों की संबंधों को मज़बूत करने की प्रतिबद्धता की सराहना की और कहा कि "सरकार और उद्योग के बीच तालमेल भारत-सिंगापुर संबंधों के अगले चरण को गति देने के लिए महत्वपूर्ण होगा। जयशंकर के अलावा, भारतीय प्रतिनिधिमंडल में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, रेलवे, आईटी और सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव शामिल थे। सिंगापुर की ओर से उप प्रधानमंत्री गान किम योंग, राष्ट्रीय सुरक्षा समन्वय मंत्री और गृह मंत्री के. षणमुगम, विदेश मंत्री डॉ. विवियन बालाकृष्णन, डिजिटल विकास एवं सूचना मंत्री जोसेफिन टेओ, जनशक्ति मंत्री डॉ. टैन सी लेंग और कार्यवाहक परिवहन मंत्री जेफरी सिओ शामिल थे।