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BREAKING: नशा तस्करी के कनेक्शन का बड़ा खुलासा, आरक्षक निलंबित

Shantanu Roy
14 Aug 2025 1:51 PM IST
BREAKING: नशा तस्करी के कनेक्शन का बड़ा खुलासा, आरक्षक निलंबित
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विभागीय जांच शुरू
Satna. सतना। मध्यप्रदेश के सतना जिले में नशा तस्करी से जुड़े एक कथित ऑडियो क्लिप के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस मामले में सतना के पुलिस अधीक्षक (एसपी) आशुतोष गुप्ता ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभापुर थाने में पदस्थ आरक्षक पप्पू यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वायरल ऑडियो में कथित तौर पर एक मीडिएटर और आरक्षक के बीच बातचीत सुनाई दे रही है। बातचीत में मीडिएटर, दीपक नाम के एक युवक के लिए, जो कथित तौर पर नशीली कफ सिरप की तस्करी करता है, क्षेत्र में अवैध बिक्री की अनुमति दिलाने की बात करता है। इस संवाद में कथित रिश्वत राशि तय करने का भी उल्लेख है, जिसमें आरक्षक टीआई और अन्य नए आरक्षकों के हिस्से का भी जिक्र करता है।
ऑडियो के एक हिस्से में यह भी सामने आया है कि एक बार आरक्षक पप्पू यादव ने दीपक का पीछा किया था, जब वह कोटर से नशीली कफ सिरप की खेप लेकर आ रहा था। हालांकि, इसके बाद क्या कार्रवाई हुई, यह स्पष्ट नहीं है। इस पूरे प्रकरण को गंभीर मानते हुए पुलिस प्रशासन ने विभागीय जांच शुरू कर दी है। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि आरक्षक के खिलाफ पहले कोई शिकायत या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी थी या नहीं, और इस नेटवर्क में अन्य पुलिसकर्मियों की कोई भूमिका है या नहीं। ऑडियो में जिस दीपक का नाम सामने आया है, वह बिरसिंहपुर कस्बे का रहने वाला बताया जा रहा है। उस पर आरोप है कि वह लंबे समय से कोटर से नशीली कफ सिरप लाकर सभापुर क्षेत्र में सप्लाई करता है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी सभापुर क्षेत्र में नशीली कफ सिरप की खुलेआम बिक्री का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उस वीडियो में एक गुमटी से अवैध रूप से कफ सिरप बेचे जाने का दृश्य स्पष्ट रूप से कैद था। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब ताजा ऑडियो मामले ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच भी करवाएगी, ताकि इसकी सत्यता और आवाज की पहचान सुनिश्चित की जा सके। यदि ऑडियो असली साबित होता है, तो इसमें नामजद या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल सभी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि सभापुर और आसपास के इलाकों में लंबे समय से नशा तस्करी का नेटवर्क सक्रिय है। यह नेटवर्क नशीली कफ सिरप के अलावा अन्य मादक पदार्थों की सप्लाई में भी शामिल हो सकता है। इसीलिए, पुलिस अब इस पूरे गिरोह की जड़ तक पहुंचने के लिए विशेष अभियान चलाने की तैयारी कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों में यदि पुलिस के ही कुछ लोग शामिल पाए जाते हैं, तो यह न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि जनता के भरोसे पर भी बड़ा आघात है। लोगों ने मांग की है कि इस मामले की जांच पारदर्शी तरीके से की जाए और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई हो।
एसपी आशुतोष गुप्ता ने मीडिया को बताया कि पुलिस बल में अनुशासन और ईमानदारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि कोई भी पुलिसकर्मी अवैध गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विभागीय जांच के साथ-साथ, पुलिस ने सभापुर और आस-पास के क्षेत्रों में संदिग्ध ठिकानों की निगरानी और छापेमारी की तैयारी भी शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और भी नाम सामने आ सकते हैं। यह मामला न केवल पुलिस महकमे की साख के लिए चुनौती है, बल्कि यह प्रदेश में नशा तस्करी के बढ़ते खतरे की ओर भी इशारा करता है। प्रशासन और पुलिस के लिए यह जरूरी हो गया है कि ऐसे नेटवर्क को जल्द से जल्द खत्म किया जाए और इसमें शामिल हर व्यक्ति को कानून के दायरे में लाया जाए।
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