नई दिल्ली। दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो की एक उड़ान में पावरबैंक में आग लगने की घटना सामने आई है। विमान में आग लगने की स्थिति को देखते हुए फ्लाइट को उसके निर्धारित गंतव्य चेन्नई के बजाय हैदराबाद की ओर डायवर्ट किया गया। इस घटना ने विमान यात्रा के दौरान यात्रियों द्वारा साथ रखे जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और उनकी बैटरियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर ध्यान आकर्षित किया है।
दिल्ली-चेन्नई मार्ग पर संचालित इंडिगो की उड़ान में पावरबैंक में आग लगने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, विमान की उड़ान संख्या, घटना का सटीक समय, यात्रियों की संख्या और किसी के घायल होने के संबंध में अभी पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इन विवरणों को लेकर कोई निश्चित दावा नहीं किया जा सकता।
पावरबैंक में आग लगने के बाद बदला विमान का मार्ग
दिल्ली से चेन्नई के लिए रवाना हुई इंडिगो की फ्लाइट में पावरबैंक में आग लगने के बाद विमान को हैदराबाद डायवर्ट किया गया।
विमान के निर्धारित मार्ग में बदलाव करना विमानन संचालन से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय होता है। उड़ान के दौरान किसी उपकरण में आग लगने की स्थिति में यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है।
इस घटना में विमान को चेन्नई के बजाय हैदराबाद भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, आग लगने के बाद चालक दल ने कौन-कौन से कदम उठाए और विमान किस समय हैदराबाद पहुंचा, इसका विवरण उपलब्ध नहीं है।
विमान में पावरबैंक की आग क्यों गंभीर मामला है?
हवाई यात्रा के दौरान पावरबैंक में आग लगना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर घटना मानी जाती है। पावरबैंक में सामान्यतः लिथियम-आयन बैटरियों का इस्तेमाल किया जाता है। इनमें खराबी, अत्यधिक गर्म होने, आंतरिक शॉर्ट सर्किट या भौतिक क्षति जैसी परिस्थितियों में आग लगने का खतरा हो सकता है।
बैटरी में अत्यधिक गर्मी पैदा होने की प्रक्रिया को थर्मल रनअवे कहा जाता है। ऐसी स्थिति में बैटरी का तापमान तेजी से बढ़ सकता है और उससे धुआं या आग निकल सकती है।
हालांकि, दिल्ली-चेन्नई फ्लाइट में पावरबैंक में आग लगने का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। तकनीकी जांच के बिना किसी विशेष खराबी को इस घटना की वजह नहीं माना जा सकता।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष नियम
विमान यात्रा में पावरबैंक ले जाने को लेकर एयरलाइंस के सुरक्षा नियम लागू होते हैं।
इंडिगो की प्रकाशित सुरक्षा सलाह के अनुसार, पावरबैंक और अतिरिक्त लिथियम बैटरियां केवल हैंड बैगेज में रखी जानी चाहिए। इन्हें चेक-इन बैगेज में रखने की अनुमति नहीं है।
एयरलाइन की सलाह में पावरबैंक को यात्रियों की पहुंच में रखने और उड़ान के दौरान उसका उपयोग या चार्जिंग नहीं करने की बात भी कही गई है।
इन नियमों का उद्देश्य बैटरी से संबंधित किसी समस्या का समय रहते पता लगाना और आवश्यक सुरक्षा कदम उठाना है।
हैदराबाद डायवर्ट करने का फैसला
दिल्ली से चेन्नई जा रहे विमान को हैदराबाद की ओर डायवर्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है।
उड़ान के दौरान किसी आपात स्थिति में विमान का मार्ग बदलने का निर्णय यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया जाता है।
हालांकि, इस मामले में विमान की हैदराबाद में लैंडिंग के समय, आग पर काबू पाने की प्रक्रिया और आगे की उड़ान व्यवस्था का आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं है।
इसलिए यह कहना उचित नहीं होगा कि विमान में मौजूद सभी यात्रियों को किस प्रकार आगे भेजा गया या उड़ान में कितनी देरी हुई।
पावरबैंक लेकर यात्रा करते समय सावधानी जरूरी
हवाई यात्रा के दौरान पावरबैंक की सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी है।
यात्रियों को बैटरी की क्षमता और एयरलाइन के नियमों की जानकारी रखनी चाहिए। क्षतिग्रस्त, फूले हुए या असामान्य रूप से गर्म होने वाले पावरबैंक का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
यदि उड़ान के दौरान किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण से धुआं निकलने लगे या वह असामान्य रूप से गर्म हो जाए, तो यात्रियों को तत्काल केबिन क्रू को इसकी सूचना देनी चाहिए।
ऐसी स्थिति में स्वयं उपकरण को खोलने या उससे छेड़छाड़ करने के बजाय प्रशिक्षित चालक दल के निर्देशों का पालन करना आवश्यक है।
घटना के विस्तृत विवरण की पुष्टि बाकी
दिल्ली-चेन्नई इंडिगो फ्लाइट में पावरबैंक में आग लगने और विमान को हैदराबाद डायवर्ट किए जाने की सूचना सामने आई है।
हालांकि, उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों की जांच में इस विशेष घटना की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिल सकी है। इसलिए यात्रियों की संख्या, किसी के घायल होने, विमान की सुरक्षित लैंडिंग या एयरलाइन की आधिकारिक प्रतिक्रिया के संबंध में कोई अतिरिक्त दावा नहीं किया जा रहा है।
घटना का पूरा विवरण सामने आने पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पावरबैंक में आग किन परिस्थितियों में लगी और उसके बाद उड़ान का संचालन किस प्रकार प्रभावित हुआ।