कच्ची रोटी और कूड़े की दुर्गंध से बदहाल हुई दिल्ली की अटल कैंटीन
अटल कैंटीन की हालत खराब खाने की गुणवत्ता पर उठे सवाल
नई दिल्ली: जरूरतमंद लोगों, मजदूरों और कम आय वाले परिवारों को सस्ता और भरपेट भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई अटल कैंटीन व्यवस्था अब कई जगहों पर बदहाली का सामना करती नजर आ रही है। दिल्ली की कुछ अटल कैंटीनों में भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। लोगों का कहना है कि जहां एक ओर सस्ते भोजन की सुविधा राहत देने वाली है, वहीं दूसरी ओर खराब व्यवस्था के कारण खाने का स्वाद और भरोसा दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि कैंटीन में मिलने वाली रोटियां कई बार पूरी तरह पकी हुई नहीं होतीं। कच्ची या अधपकी रोटी के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। इसके अलावा कैंटीन के आसपास फैली गंदगी और कूड़े के ढेर से आने वाली दुर्गंध भी भोजन करने वालों के लिए बड़ी समस्या बन रही है। लोगों का कहना है कि भोजन स्थल के आसपास सफाई व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए ताकि खाने का माहौल स्वच्छ और सुरक्षित रह सके।
अटल कैंटीन का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को सम्मानजनक तरीके से भोजन उपलब्ध कराना है। कम कीमत में भोजन मिलने से बड़ी संख्या में मजदूर, रिक्शा चालक, दिहाड़ी कामगार और जरूरतमंद लोग इसका लाभ उठाते हैं। लेकिन अगर भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर ध्यान नहीं दिया गया तो इस योजना का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कैंटीन में भोजन तैयार करने से लेकर परोसने तक हर स्तर पर निगरानी की जरूरत है। रसोई की सफाई, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, कर्मचारियों की स्वच्छता और आसपास के वातावरण पर नियमित जांच होनी चाहिए। लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग समय-समय पर निरीक्षण करे और शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करे।
कुछ लोगों का यह भी कहना है कि सस्ता भोजन उपलब्ध कराना अच्छी पहल है, लेकिन भोजन की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। गरीब और जरूरतमंद लोग भी सम्मानजनक और साफ भोजन के हकदार हैं। यदि भोजन ही खराब गुणवत्ता का होगा तो योजना का लाभ लेने वाले लोग निराश होंगे।
अटल कैंटीन जैसी योजनाएं सामाजिक कल्याण से जुड़ी होती हैं और इनका सीधा असर आम लोगों के जीवन पर पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि प्रशासन केवल कैंटीन शुरू करने तक सीमित न रहे, बल्कि उनके संचालन की नियमित निगरानी भी करे। भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और व्यवस्थाओं में सुधार कर ही इस पहल को सफल बनाया जा सकता है। फिलहाल सामने आई शिकायतों ने दिल्ली की अटल कैंटीन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इन कमियों को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है और जरूरतमंदों को बेहतर भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में कितनी प्रभावी कार्रवाई होती है।