Delhi पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन, 88 बांग्लादेशी घुसपैठियों को किया गिरफ्तार
88 बांग्लादेशी घुसपैठियों को किया गिरफ्तार
South Delhi.दक्षिणी दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने पिछले 10 दिनों में 88 बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ा है। ये लोग कई सालों से भारत में अवैध रूप से रह रहे थे। पुलिस को इनके पास कोई वैध भारतीय दस्तावेज नहीं मिले हैं। पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार जिले में अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर निकालने के लिए विशेष सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। जिला पुलिस की विशेष टीम के अलावा अन्य शाखाओं को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।उन्होंने बताया कि अभियान के तहत पिछले 10 दिनों में जिले के अलग-अलग स्थानों से 88 बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ा गया है।
ये सभी बांग्लादेश के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं और बिना किसी वैध दस्तावेज के दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में रह रहे थे। पुलिस द्वारा जांच के दौरान इनके पास से बांग्लादेश के राष्ट्रीय पहचान पत्र की फोटोकॉपी भी बरामद की गई है। पुलिस ने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों जैसे सरोजनी नगर, किशनगढ़, सफदरजंग एन्क्लेव, विकासपुरी साउथ, कापसहेड़ा, सागरपुर, दिल्ली कैंट, पालम गांव, विकासपुरी नॉर्थ से बांग्लादेशियों को पकड़ा है।सभी ने औपचारिकताएं पूरी करने के बाद एफआरआरओ की मदद से निर्वासन की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि 26 दिसंबर 2024 से अब तक जिले में कुल 142 बांग्लादेशी घुसपैठियों को हिरासत में लिया गया है। अधिकांश घुसपैठिए दिल्ली में दिहाड़ी मजदूर और घरेलू सहायक के तौर पर काम कर रहे थे।
इन थाना क्षेत्रों से पकड़े गए बांग्लादेशी घुसपैठिएपुलिस थाना पकड़े गए बांग्लादेशी घुसपैठिएसरोजिनी नगर 6किशनगढ़ 4सफदरजंग एन्क्लेव 7वसंत कुंज साउथ 10कापसहेड़ा 11सागरपुर 7एएटीएस 4दिल्ली कैंट पालम गांव 11वसंत कुंज नॉर्थ 21तीन दिन पहले एक ही परिवार के चार बांग्लादेशी घुसपैठिए पकड़े गएइस बीच, जिला पुलिस ने दिल्ली कैंट क्षेत्र से एक ही परिवार के चार बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ा है। पुलिस ने उनके पास से बांग्लादेशी पहचान पत्र भी बरामद किए हैं।पकड़े गए घुसपैठियों की पहचान मोहम्मद असद अली, उनकी पत्नी नसीमा बेगम, बेटे मोहम्मद नईम खान और बेटी आशा मोनी के रूप में हुई है। असद अली ने बताया कि करीब 12 साल पहले वे लोग अवैध तरीके से गंगा नदी पार कर भारत में घुसे थे और ट्रेन से दिल्ली पहुंचे थे।