रांची। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध तेज कर दिया है। झारखंड की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने रविवार को बताया कि राज्य के कांग्रेस नेता और पार्टी कार्यकर्ता दिल्ली जा रहे हैं। वे मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आयोजित विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे। कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।रांची में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कई सवाल सामने आए हैं। उन्होंने पूछा कि इन सवालों का जवाब चुनाव आयोग की ओर से आने के बजाय एक राजनीतिक दल मुख्य चुनाव आयुक्त का बचाव क्यों कर रहा है। तिर्की ने कहा कि चुनाव आयोग को सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए थी और उठाई गई चिंताओं का जवाब देना चाहिए था।
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे कांग्रेस कार्यकर्ता
झारखंड के कांग्रेस नेताओं ने रविवार को दिल्ली में आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की जानकारी दी। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और विधायक राजेश कच्छप ने बताया कि राज्य के पार्टी नेता और कार्यकर्ता दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं।यह विरोध प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में कई कमियां और गड़बड़ियां सामने आई हैं।पार्टी नेताओं का कहना है कि इन आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और चुनाव आयोग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में झारखंड से दिल्ली जाने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं की कुल संख्या, यात्रा के साधन तथा प्रदर्शन स्थल का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने उठाए सवाल
रांची में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सवाल उठाए।उन्होंने कहा, "एक राजनीतिक पार्टी आगे आकर एक नौकरशाह, CEC ज्ञानेश कुमार का बचाव क्यों कर रही है? इतनी सारी कमियां और गड़बड़ियां सामने आई हैं। चुनाव आयोग को आगे आकर चीजें समझानी चाहिए थीं और स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए थी।"तिर्की के इस बयान का मुख्य मुद्दा चुनाव आयोग की जवाबदेही और मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को लेकर उठाए गए आरोप हैं।उन्होंने कहा कि यदि प्रक्रिया को लेकर सवाल सामने आते हैं, तो संबंधित संवैधानिक संस्था को उनका जवाब देना चाहिए।कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि चुनाव आयोग के स्थान पर एक राजनीतिक दल की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त का बचाव किए जाने की क्या आवश्यकता है।हालांकि, उन्होंने अपने इस बयान में किसी राजनीतिक दल का नाम लेकर उसका विस्तृत पक्ष प्रस्तुत नहीं किया।
SIR प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर विवाद
मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची की समीक्षा और अद्यतन करने की प्रक्रिया है।इस प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र मतदाताओं के विवरण की जांच करना, मतदाता सूची में आवश्यक संशोधन करना और निर्धारित नियमों के अनुसार सूची को अद्यतन रखना है।मतदाता सूची के पुनरीक्षण में नाम जोड़ने, हटाने और विवरण में सुधार जैसी प्रक्रियाएं शामिल हो सकती हैं।हालांकि, कांग्रेस ने इस प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची से संबंधित चिंताओं का समाधान चुनाव आयोग को करना चाहिए।मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने दावा किया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया में कई कमियां सामने आई हैं। हालांकि, उनके उपलब्ध बयान में इन कथित गड़बड़ियों की संख्या, प्रभावित मतदाताओं या विशिष्ट मामलों का विवरण नहीं दिया गया है।इसलिए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित दस्तावेजों और चुनाव आयोग के आधिकारिक स्पष्टीकरण की आवश्यकता होगी।
चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण की मांग
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया से संबंधित चिंताओं पर ध्यान देना चाहिए था।उनका कहना है कि जब किसी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठते हैं, तो संबंधित संस्था की जिम्मेदारी होती है कि वह स्थिति स्पष्ट करे।उन्होंने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि एक राजनीतिक पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त के बचाव में सामने आ रही है।तिर्की के अनुसार, चुनाव आयोग को स्वयं सामने आकर उठाए गए सवालों का जवाब देना चाहिए था।उनके बयान से स्पष्ट है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से जवाब मांग रही है और इसी विरोध के तहत झारखंड के नेता तथा कार्यकर्ता दिल्ली में प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे हैं।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में चुनाव आयोग की ओर से इन विशिष्ट आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।
विधायक राजेश कच्छप ने भी दी जानकारी
कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने भी रविवार को राज्य के नेताओं और कार्यकर्ताओं के दिल्ली जाने की जानकारी दी।उन्होंने बताया कि झारखंड के कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होने वाले विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे।इससे स्पष्ट है कि दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन में झारखंड कांग्रेस की भागीदारी भी रहेगी।हालांकि, राजेश कच्छप के बयान में प्रदर्शन की विस्तृत रूपरेखा या पार्टी की ओर से रखी जाने वाली अतिरिक्त मांगों का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।
मतदाता सूची की पारदर्शिता पर जोर
मतदाता सूची चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार होती है। किसी भी चुनाव में पात्र मतदाताओं का नाम सूची में दर्ज होना आवश्यक है।ऐसे में मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता, निर्धारित नियमों का पालन और शिकायतों के समाधान की व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है।कांग्रेस नेताओं ने SIR प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते हुए चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण की मांग की है।हालांकि, किसी प्रक्रिया में अनियमितता होने का आरोप और उसके प्रमाणित होने की स्थिति अलग-अलग हैं। आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित रिकॉर्ड, आधिकारिक दस्तावेज और चुनाव आयोग का पक्ष महत्वपूर्ण होगा।
दिल्ली प्रदर्शन पर टिकी नजर
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में होने वाले विरोध प्रदर्शन में झारखंड कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता भी शामिल होंगे।मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और विधायक राजेश कच्छप ने रविवार को इसकी जानकारी दी है।तिर्की ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव आयोग के बजाय एक राजनीतिक दल मुख्य चुनाव आयुक्त का बचाव क्यों कर रहा है।फिलहाल कांग्रेस नेताओं के आरोपों पर चुनाव आयोग की विस्तृत प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। दिल्ली में होने वाला प्रदर्शन इसी विवाद और चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग के बीच आयोजित किया जा रहा है।