Delhi दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि खड़गे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के इतिहास को सही तरीके से याद दिलाया है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक तथ्य है कि महात्मा गांधी की हत्या के बाद 1948 में केंद्र सरकार ने RSS पर प्रतिबंध लगाया था, क्योंकि हत्यारा नाथूराम गोडसे RSS और हिंदू महासभा से जुड़ा हुआ था। तारिक अनवर ने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा, “कांग्रेस अध्यक्ष बिल्कुल सही कह रहे हैं। जब महात्मा गांधी की हत्या हुई, तब तत्कालीन गृह मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा था कि गोडसे RSS और हिंदू महासभा से जुड़ा था। उसी समय संगठन पर प्रतिबंध लगा था। यह बात आज कोई नई नहीं है, बल्कि दस्तावेजों में दर्ज है।”
उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों और उनके आदर्शों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है। “गांधीजी का विचार प्रेम, अहिंसा और एकता का था। लेकिन RSS जैसी संस्थाएं हमेशा से विभाजनकारी राजनीति करती रही हैं,” अनवर ने आरोप लगाया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने हाल ही में एक सभा में कहा था कि RSS की विचारधारा ने देश के सामाजिक ताने-बाने को कमजोर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि RSS गांधीजी के हत्यारे गोडसे की सोच का प्रतीक है और आज भी वही मानसिकता राजनीतिक रूप में सामने आती है।
तारिक अनवर ने इस बयान का समर्थन करते हुए कहा कि इतिहास को झुठलाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। “RSS आज भले खुद को राष्ट्रवादी संगठन बताती है, लेकिन देश की आज़ादी के आंदोलन में उसकी भूमिका संदिग्ध रही। वह कभी भी स्वतंत्रता संग्राम में शामिल नहीं हुई,” उन्होंने कहा। अनवर ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि आज सत्ता में बैठी पार्टी RSS की विचारधारा को ही लागू करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा और RSS दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, जिनका उद्देश्य देश में धार्मिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देना है।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी गांधी, नेहरू और पटेल जैसे नेताओं के उस भारत की रक्षा के लिए लड़ रही है, जो समानता, भाईचारे और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों पर आधारित है। “हम RSS की विभाजनकारी राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेंगे,” उन्होंने जोड़ा। इस बीच, भाजपा नेताओं ने खड़गे और अनवर दोनों के बयानों की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि RSS एक राष्ट्रभक्त संगठन है जिसने देश के सामाजिक पुनर्निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। हालांकि, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि RSS के पुराने दस्तावेज़ और 1948 का प्रतिबंध आदेश इस बात का प्रमाण हैं कि संगठन पर तब गंभीर आरोप लगे थे और सरकार को मजबूरन कदम उठाना पड़ा था।