Jantar Mantar आंदोलन के बाद CJP का नया प्लान, 5 अगस्त को होगा बड़ा ऐलान

Update: 2026-08-02 12:20 GMT

छत्रपति संभाजीनगर :  नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए आंदोलन के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अपनी आगे की रणनीति तैयार करने में जुट गई है। संगठन के भविष्य की दिशा तय करने के लिए सीजेपी के कोर मेंबर्स की एक अहम बैठक अभिजीत दीपके के छत्रपति संभाजीनगर स्थित घर पर होने जा रही है। इस बैठक में आंदोलन के बाद संगठन की भूमिका, आगे के अभियानों और नई योजनाओं पर चर्चा की जाएगी।

जानकारी के मुताबिक, सीजेपी के प्रमुख सदस्यों के अलावा संगठन से जुड़े एक्टिविस्ट और वॉलंटियर्स से भी सुझाव मांगे गए हैं। पीटीआई के सूत्रों के अनुसार, जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ करीब एक महीने तक चले आंदोलन के समाप्त होने के बाद कार्यकर्ताओं से कहा गया था कि वे कुछ समय अपने परिवार के साथ बिताएं और इसके बाद आगे की रणनीति को लेकर सुझाव तैयार करें।

सूत्रों के मुताबिक, सीजेपी के कोर मेंबर्स को जिम्मेदारी दी गई थी कि वे देशभर में जुड़े वॉलंटियर्स और छात्रों से बातचीत करें। इस बातचीत के आधार पर मिलने वाले सुझावों को आगामी बैठक में रखा जाएगा। संगठन का मानना है कि आगे की दिशा तय करने से पहले कार्यकर्ताओं और छात्रों की राय जानना जरूरी है।

बताया जा रहा है कि 5 अगस्त को होने वाली बैठक के बाद सीजेपी की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन अपने भविष्य के कार्यक्रमों और आंदोलन से जुड़े अगले कदमों की जानकारी दे सकता है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि संगठन आगे किस मुद्दे को लेकर अभियान चलाएगा।

इस बीच, अभिजीत दीपके अपने घर पर लगातार लोगों से मुलाकात कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों, स्थानीय लोगों और आसपास के जिलों से आए समर्थकों से बातचीत की। इसके अलावा उन्होंने बच्चों के साथ फ्रेंडशिप डे भी मनाया। दीपके की तबीयत को लेकर भी हाल में खबरें सामने आई थीं, जब लोगों से मुलाकात के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी।

नीट पेपर लीक के मुद्दे पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर संगठन का दावा है कि इसे देशभर के युवाओं और छात्रों का समर्थन मिला। संगठन के अनुसार, इस आंदोलन के दबाव के चलते तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। हालांकि इस मामले को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी जारी रहे हैं।

अभिजीत दीपके ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक और वीडियो संदेश जारी करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री को जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर महिला प्रदर्शनकारियों से माफी मांगनी चाहिए।

दीपके ने प्रधानमंत्री के उस वीडियो संदेश पर प्रतिक्रिया दी थी, जिसमें पीएम मोदी ने प्रदर्शन के दौरान उन्हें और उनकी दिवंगत मां को कथित तौर पर अपशब्द कहे जाने के मामले में नाराजगी जताई थी। दीपके ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री पुलिस कार्रवाई को लेकर भी अपनी बात रखेंगे।

अब सीजेपी की आगामी बैठक पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। संगठन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह तय करना है कि आंदोलन के बाद उसकी भूमिका क्या होगी और वह युवाओं व छात्रों से जुड़े मुद्दों को किस तरह आगे बढ़ाएगा। 5 अगस्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन की भविष्य की रणनीति सामने आने की संभावना है।

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